वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद दुनियाभर की कंपनियों को लगता है कि आने वाले समय में भारत में विकास की बेहतर संभावनाएं हैं। विश्व भर के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) का मानना है कि अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद भारत उन कंपनियों के लिए चौथा सर्वश्रेष्ठ बाजार है, जो विकास की तलाश कर रही हैं।
विश्व आर्थिक मंच की 50वीं सालाना बैठक के दौरान जारी पीडब्ल्यूसी सीईओ के वार्षिक सर्वे में यह बात सामने आई। इसके मुताबिक, नौ फीसदी वैश्विक कंपनियों का कहना है कि भविष्य में भारत में उनके विकास के लिए बेहतर मौके हैं। वहीं, भारतीय कंपनियों के सीईओ का मानना है कि विकास की संभावनाओं के मामले में चीन के 45 फीसदी के मुकाबले भारत 40 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर है। उन्होंने भरोसा जताया कि यहां उनकी कंपनियों की कुल राजस्व वृद्धि की संभावनाएं ज्यादा हैं।
विकास पर सकारात्मक माहौल नहीं
सर्वे में शामिल सीईओ का मानना है कि उनकी कंपनियों की संभावनाओं को लेकर आने वाले वर्ष इतने सकारात्मक नहीं हैं। विश्व के महज 27 फीसदी सीईओ ने विश्वास जताया कि अगले 12 महीने में उनकी कंपनियां विकास की राह पर आगे बढ़ेंगी। वैश्विक कंपनियों की विकास की संभावनाओं के मामले में 2009 के बाद यह सबसे निचला स्तर है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 35 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
जापान में सबसे कम संभावनाएं
सर्वे के मुताबिक, 2020 को राजस्व की नजर से देखने पर दुनिया भर के सीईओ ने चीन और भारत की अर्थव्यवस्था पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया। इनका कहना है कि चीन में उनकी कंपनियों के लिए विकास की सबसे अधिक 45 फीसदी संभावनाएं हैं, जबकि भारत में यह 40 फीसदी है। इसके अलावा, अमेरिका में 36 फीसदी, कनाडा में 27 फीसदी, ब्रिटेन में 26 फीसदी, जर्मनी में 20 फीसदी और फ्रांस में 18 फीसदी संभावनाएं हैं। इस मामले में 11 फीसदी के साथ जापान सबसे नीचे है।
घटा अमेरिका के प्रति आकर्षण
पीडब्ल्यूसी के मुताबिक, दुनियाभर की शीर्ष कंपनियों के सीईओ का मानना है कि इन कंपनियों के लिए अगले 12 महीने में अमेरिका में विकास की सबसे ज्यादा संभावनाएं है। इस मामले में अमेरिका 30 फीसदी के साथ शीर्ष पर है, जबकि चीन 29 फीसदी के साथ अमेरिका से पीछे है। हालांकि, जारी व्यापार संघर्ष और राजनीतिक तनाव ने चीन के सीईओ के लिए अमेरिका के आकर्षण को कम किया है।
घटेगा वैश्विक विकास दर
वैश्विक विकास दर को लेकर विश्लेषकों का मानना है कि 2020 में यह गिरकर 2.4 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगी। पीडब्ल्यूसी के सर्वे में शामिल 1,600 में आधे से अधिक सीईओ ने पहली बार माना कि वैश्विक विकास दर में गिरावट आएगी। वहीं, 53 फीसदी ने वैश्विक आर्थिक विकास में गिरावट (पिछले साल के मुकाबले 29 फीसदी तेजी से) का अनुमान लगाया। महज 22 फीसदी सीईओ ने अपेक्षित सुधार की बात मानी।