नेपाल में छुट्टियां मनाने गए भारतीय दल के आठ लोगों की मौत होटल के कमरे में दम घुटने की वजह से हो गई। मृतक केरल के तिरुवनंतपुरम व कोझिकोड के रहने वाले दो परिवार हैं। इनमें चार बच्चों की भी जान गई है। ये सभी भारत लौटने से एक दिन पहले मकवानपुर जिले के दमन के एक रिसोर्ट में रुके थे। रात को सर्दी से बचाने के लिए कमरे में लगाए गैस हीटर की वजह बनी कॉर्बन मोनोऑक्साइड के चलते सभी सोते हुए बेहोश हो गए। उन्हें इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से काठमांडू लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नेपाल पुलिस के अनुसार केरल से आए 15 पर्यटकों का दल लोकप्रिय पर्वतीय स्थल पोखरा गया था। रात दस बजे वहां से लौटते हुए सभी थाहा नगरपालिका के सिम भंज्यांग में होटल एवरेस्ट पैनोरमा रिसोर्ट में रुका था। मंगलवार सुबह इनमें से आठ लोग अपने कमरे में बेहोश मिले। दरअसल, जिस इलाके में ये रुके थे वह समुद्र तल से 2500 मीटर ऊंचाई पर है। इसके चलते वहां पहले ही ऑक्सीजन कम होती है। ऐसे में कॉर्बन मोनोऑक्साइड का उन पर ज्यादा घातक असर हुआ।
एक ही कमरे में रुके थे दो परिवार
होटल प्रबंधक के अनुसार इस दल ने चार कमरे बुक किए थे, लेकिन इनमें से आठ एक ही कमरे में रुके थे। इस हादसे में प्रवीण नायर (39), उनकी पत्नी शरण्या (34) और तीन बच्चे श्रीभद्रा (9), अबिनाब सूर्या (8) और अभि नायर (7) और कोझिकोड के रंजीत कुमार टीबी (36), उनकी पत्नी इंदु रंजीत (34) और बेटे वैष्णव रंजीत (2) की मौत हुई है।
खत्म हो गया प्रवीण का पूरा परिवार
इस हादसे में प्रवीण का पूरा परिवार खत्म हो गया। मृतकों में प्रवीण कुमार नायर (39) उनकी पत्नी शरण्या नायर (34) और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। प्रवीण के रिश्तेदार ने बताया कि वह दुबई में इंजीनियर थे, वह दो सप्ताह पहले छुट्टियों में घर आए थे।
प्रवीण के चाचा के बालाचंद्रन ने कहा कि तिरुवनंतपुरम के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के 1995 बैच के पांच दोस्तों ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ घुमने की योजना बनाई थी। वे पिछले शनिवार को कोच्चि से चले गए थे। हमें विश्वास नहीं हो रहा है कि प्रवीण का पूरा परिवार खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उन सभी की दम घुटने से मौत हो गई है। बालाचंद्रन ने कहा कि नायर के पिता ने उन्हें बताया कि जब वे सोने जा रहे थे उससे पहले उन्होंने पोते के साथ बात की थी।
विदेश मंत्री ने शोक जताया
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया, नेपाल में आठ भारतीय पर्यटकों की मौत की खबर से दुखी हूं। काठमांडो में हमारा दूतावास पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। दूतावास के अधिकारियों को अस्पताल में भेजा गया है। आवश्यक सहायता उपलब्ध करवा रहे हैं। इससे पहले, केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने विदेश मंत्री को पत्र लिखकर मदद का अनुरोध किया था। भारतीय दूतावास ने बताया कि उनके चिकित्सक अस्पताल में मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने जताया दुख
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर पर्यटकों के परिवारों और दोस्तों को सभी तरह की सहायता प्रदान करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की। केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि केरल के सीएम के निर्देश के आधार पर, गैर निवासी केरलवासी मामलों के विभाग (एनओआरकेए) नेपाल में भारतीय दूतावास के संपर्क में है। उम्मीद जताई जा रही है कि ऑटोप्सी के बाद शव कल तक केरल आ जाएंगे।
केरल के पर्यटन मंत्री कडकंपल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि जैसे ही नेपाल के दमन में स्थित एक होटल के कमरे में केरल के आठ पर्यटकों की मौत की चौंकाने वाली खबर हमारे पास पहुंची, हमने राज्य के पुलिस प्रमुख को नेपाल पुलिस से संपर्क करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गैर-निवासी केरलवासी मामलों के अधिकारियों ने शवों को जल्द से जल्द वापस करने के लिए नेपाल में भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। भारतीय राजदूत और भारत का एक डॉक्टर काठमांडू के अस्पताल में हैं। शवों को कल तक वापस लाने की उम्मीद है।
दम घुटने की वजह से हुई मौत
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया कि तिरुवनंतपुरम निवासी रंजीत और प्रवीण के परिवार होटल में मृत पाए गए। होटल से दोनों की पत्नियों और चार बच्चों के शव मिले हैं। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने बताया की सभी की मौत दम घुटने की वजह से हुई। नेपाल पुलिस का कहना है कि 15 सदस्यीय दल केरल से नेपाल आया था। वे अपने घर वापस लौट रहे थे और सोमवार की रात मकवानपुर जिले के दमन में एवरेस्ट पैनोरमा रिजॉर्ट में रुके थे।
खिड़की-दरवाजे बंद थे
होटल प्रबंधन के अनुसार सभी लोग सोमवार रात साढ़े नौ बजे रिजॉर्ट आए। इन्होंने कमरे को गर्म करने के लिए गैस हीटर को चालू किया। इन लोगों ने चार कमरे बुक कराए थे। आठ लोग एक ही कमरे में मौजूद थे। उसके सभी खिड़कियां और दरवाजे बंद थे। इनके साथियों ने उनके अचेत होने की जानकारी दी। इन्हें एयरलिफ्ट करके काठमांडू के अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कार्बन मोनोऑक्साइड से होता है जान का खतरा
गैस हीटर के खराब होने के कारण कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है। बिना किसी रंग और गंध की यह गैस बहुत जहरीली होती है। इसकी वजह से खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। जिससे शरीर के लगभग सभी अंग प्रभावित होते हैं और यह मौत का कारण बनती है।