बीते एक साल से ज्यादा समय से इस्राइल और हमास के बीच जंग जारी हैं। वहीं, इस युद्ध की लपटें लेबनान और ईरान तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि, शांति की एक पहल के रूप में इस्राइल और लेबनान ने शुरुआती दो महीने के लिए 27 नवंबर को संघर्ष विराम समझौते पर मुहर लगाई थी। मगर इस बीच, हिजबुल्ला और इस्राइल के बीच फिर तनातनी दिखी। दरअसल, इस्राइल का दावा है कि हिजबुल्ला ने संघर्ष विराम समझौते का उल्लघंन किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि वह भी अपने नागरिकों की रक्षा के लिए काम करना जारी रखेगा।
'इस्राइल ने दिया हिजबुल्ला को मुंह तोड़ जवाब'
इस्राइली रक्षा बलों ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'इस्राइल की वायुसेना ने थोड़ी देर पहले लेबनान में हिजबुल्ला के आतंकवादियों, दर्जनों लांचरों और आतंकवादी बुनियादी ढांचे को मार गिराया। इसके अलावा, माउंट डोव की ओर दो प्रोजेक्टाइल हमले करने के तुरंत बाद वायुसेना ने दक्षिणी लेबनान के बरघोज क्षेत्र में हिजबुल्ला के लॉन्चर पर हमला किया।'
संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन
उसने आगे कहा, 'हिजबुल्ला का आज रात का हमला इस्राइल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन है। इस्राइल मांग करता है कि लेबनान में संबंधित पक्ष अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करें और लेबनानी क्षेत्र के भीतर से हिजबुल्ला की शत्रुतापूर्ण गतिविधि को रोकें। इस्राइल लेबनान में युद्धविराम समझौते की शर्तों को पूरा करने के लिए बाध्य है।'
साथ ही चेतावनी देते हुए इस्राइली रक्षा बलों ने कहा, 'आईडीएफ जहां भी जरूरी होगा संचालन जारी रखने के लिए तैयार है और इस्राइल के नागरिकों की रक्षा के लिए काम करना जारी रखेगा।'
इस्राइल के युद्धविराम उल्लंघन का जवाब: हिजबुल्ला
इससे पहले, हिजबुल्ला ने सोमवार को कब्जे वाले शेबा फार्म्स पर दो मिसाइलें दागी थीं। बीते बुधवार को युद्धविराम समझौता लागू होने के बाद हिजबुल्ला का यह पहला हमला था। इस्राइली सेना ने कहा था कि ये मिसाइलें खुले इलाकों में गिरीं और किसी को नुकसान नहीं हुआ। वहीं, हिजबुल्ला ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि यह हमला इस्राइल द्वारा बार-बार युद्धविराम उल्लंघन का जवाब था।
लेबनान ने इस्राइल पर पिछले छह दिनों में 50 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। हिजबुल्ला ने कहा था कि इस्राइल के संघर्ष विराम उल्लंघनों ने कई रूप ले लिए हैं, जिनमें नागरिकों के खिलाफ गोलीबारी और लेबनान के विभिन्न क्षेत्रों पर हवाई हमले शामिल हैं। इन हमलों के परिणामस्वरूप कई नागरिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।