India UK Defence Cooperation: सीडीएस की यह ब्रिटेन यात्रा भारत-यूके रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देने वाली साबित हो रही है। खासतौर पर आरएएफ वैली में भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षकों की तैनाती से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और भी मजबूत होगा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान की हालिया ब्रिटेन यात्रा ने भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा दी है। इस दौरे को दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
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तीन दिवसीय दौरे में अहम बैठकें
19 से 21 अप्रैल तक चले इस दौरे के दौरान जनरल चौहान ने ब्रिटेन के शीर्ष सैन्य नेतृत्व से मुलाकात की। ब्रिटेन के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन ने उनका स्वागत किया। इस दौरान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, सैन्य रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
आरएएफ वैली में भारतीय प्रशिक्षकों की तैनाती
इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि आने वाले समय में भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर को ब्रिटेन के आरएएफ वैली में तैनात किया जाएगा। यह कदम दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण और आपसी तालमेल को और मजबूत करेगा।
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रक्षा उद्योग और रणनीतिक साझेदारी पर जोर
जनरल चौहान ने ब्रिटेन के वरिष्ठ अधिकारियों, मंत्रियों, शिक्षाविदों और रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की। इसमें रक्षा उत्पादन, रोजगार सृजन और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर खास जोर दिया गया। दौरे के दौरान सीडीएस ने ब्रिटेन के रक्षा राज्य मंत्री ल्यूक पोलार्ड और इंडो-पैसिफिक मामलों की राज्य मंत्री सीमा मल्होत्रा से भी मुलाकात की। इस दौरान आधुनिक युद्ध, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और खुफिया सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
रक्षा रोडमैप को मिलेगा बल
भारत और ब्रिटेन के बीच पहले से तय 10 साल के रक्षा औद्योगिक रोडमैप को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों ने माना कि यह सहयोग न केवल सुरक्षा बल्कि आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। जनरल चौहान ने रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज का दौरा कर वैश्विक सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण साझा किया। इसके अलावा उन्होंने एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल बैठक की अध्यक्षता भी की, जिसमें सैन्य परिवर्तन और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा हुई।