ब्रिटेन के एक शहर में पाकिस्तानी मूल की 10 साल की बच्ची का शव संदिग्ध अवस्था में एक घर में मिला था। लेकिन उस बच्ची के साथ क्या हुआ, इसके बारे में अभी कुछ भी पुख्ता नहीं मिला है। लड़की का पिता अभी भी फरार है। उसकी खोजबीन की जा रही है। वहीं, बच्ची के शव का पोस्टमार्टम हुआ लेकिन जांच में उसकी मौत के कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है, रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़की की मौत अप्राकृतिक होने की संभावना है।
एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने मृतक बच्ची के परिवार की तलाश शुरू कर दी है। मरने वाली बच्ची की पहचान सारा शरीफ के तौर पर की गई है, जो 31 वर्षीय ओलगा शरीफ और 31 वर्षीय मलिक उरफान शरीफ की बेटी थी। सारा का मृत शरीर 10 अगस्त को वोकिंग, सरे में एक वोकिंग काउंसिल हाउस में पाया गया था। बच्ची की मां और पिता का तलाक हो चुका है। बेटी पिता के साथ रहती थी।
पाकिस्तान के झेलम शहर और पंजाब प्रांत में पुलिस लगातार छापेमारी कर बच्ची के परिवारवालों को ढूंढने की कोशिश में जुटी है। पुलिस अधिकारी के अनुसार बच्ची के परिवारवाले किसी दूसरे प्रांत में अंडरग्राउंड हो गए हैं। वहीं पुलिस ने मृतक बच्ची के पिता, उरफान शरीफ, उसकी साथी, बिनाश बतूल और उसका भाई फैसल मलिक की अंतरराष्ट्रीय तलाश शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को सरे कोरोनर कोर्ट में एक पूछताछ में पता चला कि सारा की मौत का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चला है लेकिन उसकी मौत अप्राकृतिक होने की संभावना है। अदालत ने सुना कि पोस्टमार्टम जांच में, डॉक्टर मौत का सटीक कारण पता लगाने में असमर्थ थे, लेकिन कहा कि यह अप्राकृतिक होने की संभावना है। जांच कार्यवाही की शुरुआत में, कोरोनर साइमन विकेंस ने सुनवाई छह महीने के लिए स्थगित कर दी, जबकि पुलिस को मामले की तह तक जाने को कहा है।
कोरोनर ने पुष्टि की कि सारा का जन्म जनवरी 2013 में स्लो में हुआ था और उसकी मृत्यु वोकिंग स्थित उसके घर में हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सारा की पहचान उसकी मां ओल्गा के डीएनए से तुलना करके की गई। इसमें कहा गया है कि उनकी मृत्यु की पुष्टि 10 अगस्त के शुरुआती घंटों में की गई थी, लेकिन जरूरी नहीं कि वह मृत्यु का समय हो। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूछताछ के दौरान सारा के परिवार से कोई भी मौजूद नहीं था।
लंदन पुलिस को बताया गया कि संदिग्धों ने पाकिस्तान भागने के लिए एकतरफा हवाई टिकटों पर हजारों पाउंड खर्च किए हैं, जिसके बाद इंटरपोल ने तीन संदिग्धों का पता लगाने में मदद करने के लिए पाकिस्तानी पुलिस अधिकारियों को सतर्क किया। रावलपिंडी क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी सैयद खुर्रम अली शाह ने कहा कि इस्लामाबाद एयरपोर्ट के इमिग्रेशन काउंटर के वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की। वीडियो में नौ अगस्त को शरीफ अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एयरपोर्ट पर दिखे थे। उन्हें एयरपोर्ट से बाहर भी निकलते हुए देखा गया, लेकिन सीसीटीवी में बाहर का फुटेज साफ नहीं दिख रहा है।