जिस वक्त तूफान जमैका से टकराया, उस वक्त 300 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रहीं हैं और भारी बारिश हो रही है। हवा की ये गति इतनी तेज है कि यह बड़ी-बड़ी इमारतों को ध्वस्त कर सकता है। इससे बिजली और कम्युनिकेशन सिस्टम भी तबाह हो सकता है।
कैरेबियाई देश जमैका से कैटेगरी-5 का तूफान मेलिसा टकराया है। मेलिसा को इस सदी का सबसे खतरनाक तूफान बताया जा रहा है। तूफान के चलते जमैका में 300 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। सरकार ने छह लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। तूफान के असर से जमैका में तीन, पड़ोसी देश हैती में तीन और डोमिनिकन रिपब्लिक में एक व्यक्ति की मौत हुई है। यह तूफान इतना ताकतवर है कि पूरे देश को तबाह कर सकता है।
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कैटेगरी-5 के तूफान सबसे खतरनाक होते हैं
कैटेगरी-5 का तूफान सबसे खतरनाक श्रेणी का माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने मेलिसा तूफान को सदी का सबसे ताकतवर तूफान बताया है। पहले ये तूफान हैती और डोमिनिकन रिपब्लिकन से टकराया और अब जमैका तक पहुंचने में ये और खतरनाक हो गया है। जिस वक्त तूफान जमैका से टकराया, उस वक्त 300 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रहीं हैं और भारी बारिश हो रही है। हवा की ये गति इतनी तेज है कि यह बड़ी-बड़ी इमारतों को ध्वस्त कर सकता है। इससे बिजली और कम्युनिकेशन सिस्टम भी तबाह हो सकता है।
तूफान से भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा
मेलिसा तूफान के चलते जमैका में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है। जमैका सरकार ने प्रभावित इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित कर दिया है। जमैका में बीते कई दिनों से बारिश का दौर जारी है। ऐसे में जमीन में नमी होने के चलते भूस्खलन का खतरा लोगों को डरा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने भी राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम द्वारा लोगों को खाने के पैकेट दिए जा रहे हैं। यूएन का कहना है कि कैरेबियाई देशों में बीते साल जुलाई में शक्तिशाली बेरिल तूफान आया था, उसके बाद अब यह मेलिसा तूफान सबसे शक्तिशाली है। साथ ही यह अटलांटिक सागर में आया अब तक का सबसे शक्तिशाली तूफान बताया जा रहा है।