ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान क्यूबा के राष्ट्रपति बरमूडेज ने पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, विकास साझेदारी, फिनटेक, क्षमता निर्माण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।
कैरेबियन देश क्यूबा भी भारत की डिजिटल इंडिया योजना और यूपीआई का मुरीद हो गया है। रविवार को ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में हो रहे 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल बरमूडेज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत के साथ रिश्ते मजबूत करने पर भी चर्चा की। साथ ही डिजिटल इंडिया और यूपीआई की सराहना की।
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विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, विकास साझेदारी, फिनटेक, क्षमता निर्माण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। डिजिटल क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता को क्यूबा के राष्ट्रपति डियाज-कैनेल ने स्वीकार किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्यूबा द्वारा आयुर्वेद को मान्यता दिए जाने की सराहना की और आयुर्वेद को क्यूबा की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में एकीकृत करने के लिए समर्थन बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने क्यूबा द्वारा भारतीय फार्माकोपिया को मान्यता दिए जाने का प्रस्ताव रखा। इससे वहां भारतीय जेनेरिक दवाओं की पहुंच हो सकेगी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल बरमूडेज ने स्वास्थ्य, महामारी और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों सहित ग्लोबल साउथ के लिए चिंता के मुद्दों पर काम करने पर सहमति व्यक्त की।
एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल बरमूडेज से मिलना अद्भुत था। हमारी बातचीत में हमने कई विषयों पर चर्चा की। आने वाले समय में हमारे देशों के बीच आर्थिक संबंधों के बढ़ने की बहुत संभावना है। प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे क्षेत्र भी समान रूप से आशाजनक हैं। क्यूबा में आयुर्वेद की बढ़ती स्वीकृति निश्चित रूप से एक बड़ी बात है। हमने आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की।
इससे पहले दोनों नेताओं ने 2023 में जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी। इस साल ब्राजील द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के साथ-साथ नए सदस्य मिस्र, इथोपिया, ईरान, यूएई और इंडोनेशिया के नेता भी शामिल हुए।