अमेरिका के 80 प्रतिशत लोग देश के हालात की वजह से मानसिक रूप से परेशान हैं। कैपिटल इमारत में हुई हिंसा, कड़वे चुनावी अनुभव, राजनीतिक, असंतोष, हिंसा, गिरती अर्थव्यवस्था और कोविड-19 की वजह से लाखों लोगों की मौत ने उन्हें तनावपूर्ण हालात में धकेल दिया है। हाल ही में करवाए एक पोल में यह सामने आई है।
अमेरिकी मनोविज्ञान संगठन द्वारा हैरिस पोल संस्था के जरिए करवाए गए इस अध्ययन में 90 प्रतिशत अमेरिकियों ने ये उम्मीद भी जताई कि देश एकता की ओर बढ़ रहा है, जिससे हालात सुधरेंगे। लेकिन अभी तक तनाव का स्तर 10 के स्केल पर 5.6 पर है।
84 प्रतिशत नागरिकों का कहना है कि उनका देश गंभीर सामाजिक समस्याओं से भी जूझ रहा है, जिनसे निपटना जरूरी है। अध्ययन में शामिल संस्था के अधिकारी आर्थर सी इवान्स के अनुसार, कई अमेरिकी लंबे समय से तनाव में हैं। देश के हालात रोजगार, शिक्षा आदि की चिंता लगातार उन्हें परेशान रखे हुए है। इसका असर उनकी मानसिक स्थिति पर होना सामान्य बात है। बड़ी बात यह है कि इनकी पहचान करते हुए उन्हें राहत दिलाने पर काम होना चाहिए।
गुस्सैल, दुखी, बेचैन होने जैसी मिल रही हैं समस्याएं
नागरिकों में सबसे ज्यादा 87 प्रतिशत बेचैनी, 44 प्रतिशत में उदासी, 39 प्रतिशत साल होने जैसी समस्याएं मिल रही हैं। देश के हालात ने 81 प्रतिशत, महामारी ने 80 प्रतिशत और राजनीतिक स्थितियों ने 74 प्रतिशत लोगों पर असर डाला है। केवल कैपिटल इमारत में हुई हिंसा की एक घटना ने ही 66 प्रतिशत नागरिकों का तनाव बढ़ाने का काम किया है।
भविष्य को लेकर हैं चिंतित
अध्ययन के अनुसार, 82 प्रतिशत डेमोक्रेट्स इतने ही रिपब्लिकंस और 81 प्रतिशत निरपेक्ष नागरिकों ने कहा कि वे देश के भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं।