कनाडा में मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अब देश में आम चुनाव की तैयारियां कराई जा रही हैं। दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्नी इस रविवार को संसद भंग करने और देश में आम चुनाव कराने के लिए गवर्नर जनरल मैरी साइमन से अनुरोध कर सकते हैं। बता दें कि बीते 14 मार्च को कार्नी ने पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो की जगह प्रधानमंत्री पद संभाला था।
पीएम कार्नी पर सबकी नजरें
पीएम बनने के बाद लिबरल पार्टी की कमान संभाल चुके कार्नी चुनाव की घोषणा कब करते हैं, इस पर सबकी नजरें हैं, क्योंकि पड़ोसी देश अमेरिका के साथ कनाडा के रिश्तों में तनाव पर लगातार सुर्खियों में है। गौरतलब है कि कनाडा में समयपूर्व चुनाव होना तय है और अमेरिका के साथ तल्ख रिश्तों को देखते हुए कनाडा की सरकार मजबूत जनादेश की तलाश कर रही है।
इतने दिन चलेगा चुनावी अभियान
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि अगर कार्नी रविवार को ऐसा करते हैं तो चुनाव 28 अप्रैल या 4 मई को हो सकता है। ऐसे में चुनाव अभियान 36 से 50 दिनों तक चल सकता है।
आम चुनावों के वक्त को लेकर क्या बोले कार्नी
जब मार्क कार्नी से आम चुनाव के समय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ किया कि इस बारे में वे सबसे पहले जनरल मैरी साइमन से बात करेंगे। उन्बोंने कहा कि वर्तमान में जबकि कनाडा कई समस्याओं से जूझ रहा है ऐसे में सरकार को एक मजबूत और स्पष्ट जनादेश की आवश्यकता है। हम देश के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण, कार्रवाई पेश कर रहे हैं।
चुनाव के समय के बारे में पूछे जाने पर कार्नी ने संवाददाताओं से कहा कि गवर्नर जनरल मैरी साइमन सबसे पहले इस बारे में जानेंगी।
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ये कह रहे हैं पोल सर्वे
सीबीसी के पोल ट्रैकर के अनुसार, आम चुनाव होने की दशा में वर्तमान पीएम मार्क कार्नी दोबारा सत्ता में लौट सकते हैं। उनके नेतृत्व वाली लिबरल पार्टी 37.7 प्रतिशत के साथ आगे चल रही है, जबकि कंजर्वेटिव 37.4 फीसदी समर्थन के साथ उनसे पीछे हैं।
कार्नी ने 14 मार्च को कनाडा के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने तब देश की बागडोर संभाली जब कनाडा कई मोर्चों पर संकटों का सामना कर रहा था। प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद अपनी पहली टिप्पणी में, कार्नी ने कहा था कि आज, हम एक ऐसी सरकार बना रहे हैं जो इस समय की चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने बिना अमेरिका का नाम लिए अपने इरादे साफ कर दिए थे। उन्होंने कहा था कि कनाडाई लोग कार्रवाई की उम्मीद करते हैं और उनकी टीम यही करेगी। उन्होंने कहा था कि अभी, हम एक ऐसी सरकार बना रहे हैं जो हमारे देश की सबसे ज्यादा जरूरतें पूरी करेगी। हम इस संकट के दौरान कनाडाई लोगों की रक्षा करेंगे और भविष्य के लिए एक मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण करेंगे। उन्होंने कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने के ट्रम्प के बार-बार सुझाव को भी खारिज कर दिया था।
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