कनाडा में भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने देश के राजनेताओं पर हिंदुओं और सिखों को आपस में लड़ाने का आरोप लगाया है। उन्होंने राजनेताओं की कड़ी आलोचना की और कहा कि कनाडाई मूल के हिंदू और सिख एक तरफ हैं। खालिस्तानी दूसरी तरफ हैं, लेकिन कुछ कनाडाई राजनेताओं ने जानबूझकर ऐसे काम किए हैं जिसके कारण अब गलती से खालिस्तानियों को सिखों के बराबर मान लिया जाता है। सांसद चंद्र आर्य ने कहा कि इसके पीछे खालिस्तानियों का प्रभाव भी बड़ा कारण है।
खालिस्तानियों को जिम्मेदार ठहराने से कतरा रहे राजनेता
उन्होंने जोर देकर कहा कि कनाडा के कई नेता ब्रैम्पटन की घटना को कनाडाई मूल के हिंदुओं और सिखों के बीच संघर्ष के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। ओंटारियो के नेपियन क्षेत्र से सांसद आर्य ने शुक्रवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'कुछ नेता जानबूझकर इस हमले के लिए खालिस्तानियों को जिम्मेदार ठहराने और उनका जिक्र करने से बच रहे हैं। वे अन्य तत्वों पर दोष मढ़ रहे हैं। वे इसे हिंदुओं और सिखों के बीच एक मुद्दे के रूप में पेश करके कनाडा के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।'
क्या है हिंदू सभा मंदिर में लोगों के साथ झड़प का मामला
गौरतलब है कि खालिस्तानी झंडे लिए प्रदर्शनकारियों की बीते तीन नवंबर को ब्रैम्पटन शहर में स्थित हिंदू सभा मंदिर में लोगों के साथ झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर अधिकारियों और भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बाधा डाली थी। घटना ओंटारियो के ग्रेटर टोरंटो क्षेत्र में हुई थी। चंद्र आर्य ने तीन नवंबर को भी इस घटना की कड़ी निंदा की थी।
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