कनाडा और चीन के बीच चल रही कड़वाहट और बढ़ने की उम्मीद है। चीन के साथ संबंध सीमित करते हुए, कनाडा ने हांगकांग के साथ प्रत्यर्पण संधि को निलंबित कर दिया है। कनाडा का यह फैसला बीजिंग द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए हांगकांग पर नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लागू करने की जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को कहा, यह अभी से लागू होगा, कनाडा हांगकांग को संवेदनशील सैन्य वस्तुओं के निर्यात की अनुमति नहीं देगा। कनाडा यह भी मानकर चल रहा है कि हांगकांग को निर्यात किए गए सभी संवेदनशील सामान चीन को जाएंगे। कनाडा के विदेश मंत्री ने चीन के नए कानून को स्वतंत्रता के खिलाफ बताया।
इससे पहले चीन ने हांगकांग सुरक्षा कानून की आलोचना के लिए कनाडा को फटकार लगाई, जबकि हांगकांग के अधिकारियों ने कनाडा द्वारा प्रत्यर्पण संधि रद्द किए जाने पर निराशा व्यक्त की है।
ओटावा और बीजिंग के बीच रिश्तों में 2018 के कड़वाहट तब आई जब कनाडा ने अमेरिकी वारंट के तहत हुआवे के मुख्य वित्तीय अधिकारी मेंग वानझोउ को गिरफ्तार किया था। मेंग को हिरासत में लेने के बाद, चीन ने कनाडा के नागरिक माइकल कोवरी, एक पूर्व राजनयिक, और एक व्यवसायी, माइकल स्पाइवर, को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद से 18 महीने बीत गए हैं, और तब से चीनी सरकार ने मनमाने ढंग से दो कनाडाई नागरिकों को गिरफ्तार किया हुआ है। चीनी सरकार ने उन्हें कांसुलर एक्सेस की अनुमति भी नहीं दी है। उनकी गिरफ़्तारी को कनाडा सरकार द्वारा शीर्ष हुआवे कार्यकारी और कंपनी के संस्थापक की बेटी की गिरफ्तारी के जवाब के रूप में देखा जाता रहा है। दरअसल उस वक्त संयुक्त राज्य अमेरिका से प्रत्यर्पण अनुरोध पर कनाडा की सरकार ने शीर्ष हुआवे कार्यकारी और कंपनी के संस्थापक की बेटी को हिरासत में.लिया था।
चीन के इस बदले की कार्रवाई के बाद कनाडा में लोगों ने अपनी नाराजगी जताई और इस कदम की आलोचना भी की। चीन के इस गैरजिम्मेदाराना तरीके ने साबित किया कि चीन विश्व व्यवस्था को अपने तरीके से प्रभावित करना चाहता है। इसके तहत वो अपनी इच्छा और हिसाब से अन्य देशों को निर्णय लेने के लिए मजबूर करना चाहता है। चीन दुनिया को यह बताना चाहता है कि जो भी उसके तरीके से नहीं चलेगा उसके खिलाफ गलत कदम जैसे मनमाने तरीके से विदेशी नागरिकों की गिरफ़्तारी, व्यापार संबंधों में कमी करना शामिल होगा। चीन इस वक्त ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी यही सब कर रहा है क्योंकि उसने कोरोनो वायरस प्रकोप के चीनी दुरुपयोग की जांच की मांग की थी।
चीन के साथ इस मुद्दे को निपटाने के लिए कनाडा सरकार पर दबाव भी लाया गया, लेकिन प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो अपने फैसले पर टीके रहे और चीन के उस सुझाव को खारिज कर दिया जिसमें चीन में बंद कनाडाई लोगों की रिहाई के बदले हुआवे के कार्यकारी की रिहाई की व्यवस्था करनी थी। पीएम ट्रूडो द्वारा चीन की कैदी बदलने की योजना को अस्वीकृति ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 'बंधक कूटनीति' की शैली को उजागर कर दिया।