कनाडा ने ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए सात लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा विरोधियों और मानवाधिकार समर्थकों के दमन के जवाब में की गई है। अब तक कनाडा 222 व्यक्तियों और 256 ईरानी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा चुका है।
कनाडा ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नए प्रतिबंधों का ऐलान किया है। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि ईरान द्वारा अपने ही नागरिकों और विरोधियों के खिलाफ दमनकारी कदमों के जवाब में यह कार्रवाई की गई है। इस फैसले के तहत सात लोगों पर सीधे प्रतिबंध लगाए गए हैं। कनाडा सरकार ने साफ कहा है कि वह मानवाधिकार उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डराने-धमकाने की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
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नए नियमों के तहत कार्रवाई
कनाडा के विदेश विभाग ने स्पेशल इकोनॉमिक मेजर्स ईरान रेगुलेशंस के तहत यह कदम उठाया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईरान सरकार अपने विरोधियों और मानवाधिकार समर्थकों को दबाने के लिए देश के भीतर और बाहर दमन और हिंसा का इस्तेमाल कर रही है। कनाडा ने कहा कि समान सोच वाले सहयोगी देशों के साथ मिलकर वह ऐसे कदमों का जवाब दे रहा है। प्रतिबंधित किए गए लोग ईरान की सरकारी संस्थाओं से जुड़े बताए गए हैं।
विरोधियों को डराने के आरोप
कनाडा सरकार के बयान में कहा गया है कि जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, वे ईरानी विरोधियों और मानवाधिकार रक्षकों को डराने, धमकाने और निशाना बनाने में शामिल रहे हैं। आरोप है कि आलोचकों को चुप कराने के लिए छद्म एजेंट और आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। कनाडा ने कहा कि ऐसी गतिविधियां दूसरे देशों की स्वतंत्रता के लिए खतरा हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों को कमजोर करती हैं।
कुल प्रतिबंधित संस्थाओं की संख्या बढ़ी
नए फैसले के साथ कनाडा अब तक 222 ईरानी नागरिकों और 256 ईरानी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा चुका है। सरकार का कहना है कि यह कदम ईरान की अस्थिर करने वाली गतिविधियों को रोकने और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी है। कनाडा ने दोहराया कि वह ईरानी जनता के साथ खड़ा है और दमन के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।
पहले भी बदले गए थे नियम
कनाडा ने अक्टूबर 2022 में भी ईरान से जुड़े नियमों में बदलाव किया था। तब ईरान में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ कार्रवाई और नागरिकों पर सख्ती के मामलों को आधार बनाया गया था। बाद में नियमों का दायरा बढ़ाकर उन लोगों और संस्थाओं को भी शामिल किया गया जो मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों से जुड़े हैं। कनाडा ने संकेत दिया है कि आगे भी जरूरत पड़ने पर और कड़े कदम उठाए जाएंगे।