UK: ब्रिटेन ने अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में कहा है कि बिना लाइसेंस के भारत में सैटेलाइट फोन और जीपीएस उपकरणों का उपयोग अवैध है, जिससे जुर्माना या गिरफ्तारी हो सकती है। साथ ही, सैन्य इलाकों और संवेदनशील स्थानों के पास कैमरा और दूरबीन जैसे उपकरणों का उपयोग गलत समझा जा सकता है।
ब्रिटेन सरकार ने मंगलवार को भारत लिए अपनी ट्रैवल एडवाइजरी को एक बार फिर अपडेट किया। उसने अपने नागरिकों को चेतावनी दी कि बिना लाइसेंस के भारत में सैटेलाइट फोन ले जाने या उसका उपयोग करने पर उन्हें जुर्माना हो सकता है और उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने अपने 'सेफ्टी एंड सिक्योरिटी' खंड की समीक्षा करते हुए बताया कि कई ब्रिटिश नागरिकों को भारत में सैटेलाइट फोन या अन्य ऐसे उपकरणों के अवैध उपयोग के लिए गिरफ्तार किया गया है। एफसीडीओ ने अपने अपडेट में कहा, भारत में बिना लाइसेंस के सैटेलाइट फोन और जीपीएस उपकरण रखना और उनका संचालन करना अवैध है, चाहे आप केवल भारत से गुजर रहे हों।
एफसीडीओ ने यह भी कहा कि यह चेतावनी हैंडहेल्ड या साइक्लिंग जीपीएस जैसे अन्य सैटलाइट से चलने वाले उपकरणों पर भी लागू होती है। बिना अनुमति के ऐसे उपकरणों के उपयोग पर जुर्माना हो सकता है या गिरफ्तारी हो सकती है और उपकरण को भी जब्त किया जा सकता है। इसने यह भी गौर किया कि कई ब्रिटिश नागरिकों को बिना अनुमति के भारत में सैटेलाइट फोन या अन्य नेविगेशन वाले उपकरण लाने पर गिरफ्तार किया गया है या हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही उन उपकरणों के लिए लाइसेंस हासिल करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने के लिए दूरसंचार विभाग का लिंक भी साझा किया गया है।
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इसके अलावा, एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि सैन्य इलाकों, सरकारी भवनों, हवाई अड्डों और रलवे स्टेशनों के पास कैमरे या दूरबीन जैसे उपकरणों का इस्तेमाल, फोटोग्राफी, बर्ड वॉचिंग या प्लेन देखना गलत समझा जा सकता है। इससे पहले ब्रिटेन सरकार ने दिसंबर के अंत में ट्रैवल एडवाइजरी को अपडेट किया था, जिसमें ब्रिटिश नागरिकों को भारत में सैटेलाइट फोन और जीपीएस उपकरणों के बारे में पहले से सलाह लेने का सुझाव दिया गया था। अब यह सुझाव हटाया गया है और इसकी जगह चेतावनी दी गई है।