दुनिया भर के कई देशों में आज भी महिलाओं को मासिक धर्म से जुड़ी वर्जानाओं के दायरे में जीना पड़ता है। लेकिन चीन में इसे तोड़ने के लिए एक नई मुहिम शुरू हुई है। इसके तहत स्कूल कॉलेजों के बाथरूम के बाहर बेटियों के लिए मुफ्त सेनेटरी पैड की व्यवस्था कराई जा रही है और उन्हें बेझिझक इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
स्कूल-कॉलेजों में छात्र-शिक्षकों ने शुरू किया 'स्टैंड बाय हर' अभियान
'स्टैंड बाय हर' (stand by her) नाम से शुरू किए गए इस अभियान का बीड़ा खुद छात्रों और शिक्षकों ने उठाया है उनका मकसद देश भर में मासिक धर्म की शर्म और पीरियड पावर्टी (पैसे के अभाव में पैड ने खरीद पाना) खत्म करना है। अक्तूबर में एक मिडिल स्कूल में शुरू हुआ अभियान अब शंघाई, बीजिंग समेत कई छोटे-बड़े शहरों के 338 स्कूल कॉलेजों तक पहुंच चुका है। चीन में महिला अधिकारों के लिए कार्यरत लोगों ने मुहिम को सराहते हुए कहा है कि इसने विकास का दंभ भरने वाले देश को आईना दिखाया है।।
छात्राएं आईं आगे
इसी दौरान छात्राओं ने भी सैनिटरी उत्पाद खरीदने में होने वाली शर्मिंदगी की बात रखी जिसे देखते हुए महिला अधिकार कार्यकर्ता जियांग जिनजिंग ने 'स्टैंड बाय हर' मुहिम की नींव रखी। साथ ही इसके लिए छात्रों शिक्षकों से आगे आने की अपील भी की। जिनजिंग ने अकेले अक्तूबर में सवा लाख डॉलर चंदा इकट्ठा किया। जिससे उन्होंने गांव में दो हजार से ज्यादा किशोरियों को सेनेटरी पैड बांटे और उन्हें मासिक धर्म को लेकर जागरूक किया। इस मुहिम को देशभर में सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है। हालांकि रूढ़िवादी तबका निजता को उजागर करने को लेकर इसका मजाक भी बना रहा है।