British Monarchy: क्या पूर्व प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी से डगमगाएगी राजशाही? 350 साल पहले हुई थी कुछ ऐसी घटना
Sat, 21 Feb 2026 09:24 AM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यू साउथ वेल्स
सार
ब्रिटेन में पूर्व प्रिंस और एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर की गिरफ्तारी से राजशाही पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि, ये गिरफ्तारी राजशाही को तुरंत खत्म नहीं करेगी, लेकिन यह तय है कि आज के समय में शाही परिवार भी कानून और जनमत से ऊपर नहीं है। ब्रिटिश राजघराने में यह दूसरी ऐसी घटना है, पढ़ें पहले ऐसा कब हुआ था...
ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर (प्रिंस एंड्रयू) की गिरफ्तारी की खबर ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। यह मामला इसलिए बड़ा माना जा रहा है क्योंकि ब्रिटिश इतिहास में बहुत कम बार ऐसा हुआ है कि किसी शाही सदस्य पर सीधे कानून का शिकंजा कसता दिखा हो।
350 साल पहले हुई थी कुछ ऐसी घटना
इतिहासकार बताते हैं कि लगभग 350 साल पहले, 1649 में राजा चार्ल्स-I को गिरफ्तार कर मुकदमा चलाया गया था और बाद में उन्हें फांसी दी गई थी। उस घटना के बाद कुछ समय के लिए ब्रिटेन में राजशाही ही खत्म हो गई थी। इस वजह से अब एंड्रयू की गिरफ्तारी की तुलना उसी ऐतिहासिक घटना से की जा रही है- हालांकि इस बार स्थिति उतनी गंभीर नहीं है।
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पहले भी शाही परिवार विवादों में रहा
ब्रिटिश राजघराना पहले भी कई घोटालों और आरोपों में घिरता रहा है। इसमें-
रिचर्ड-III (1483)0 अपने भतीजों को गायब कराने के आरोप लगे।
जेम्स-II (1688)- सत्ता से हटा दिए गए।
एडवर्ड-VIII (1936)- नाजी जर्मनी से सहानुभूति के आरोप।
1990- राजघराने के निजी विवादों पर मीडिया ने खुलकर रिपोर्टिंग शुरू की।
लेकिन इन मामलों में सीधे गिरफ्तारी या आपराधिक प्रक्रिया बहुत कम देखने को मिली।
अब क्यों ज्यादा असर पड़ रहा है?
आज का दौर अलग है, पहले मीडिया शाही परिवार के निजी मामलों को छिपाता था। अब सोशल मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के कारण हर बात तुरंत सार्वजनिक हो जाती है। जनता का भरोसा अब छवि और पारदर्शिता पर टिका है। एंड्रयू पहले से ही कई विवादों में रहे थे- जैसे अमीर लोगों से नजदीकी, 'कैश-फॉर-एक्सेस' विवाद और निजी नेटवर्किंग के आरोप शामिल हैं। इसलिए उनकी गिरफ्तारी ने शाही परिवार की छवि को और झटका दिया है।
क्या इससे गिर सकती है ब्रिटिश राजशाही?
विशेषज्ञों का मानना है कि तुरंत राजशाही खत्म होने जैसी स्थिति नहीं है, क्योंकि एंड्रयू राजा नहीं हैं और ब्रिटेन में अब राजा की भूमिका सिर्फ प्रतीकात्मक है। लेकिन… इससे जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है, राजशाही की प्रतिष्ठा को नुकसान होगा और शाही परिवार को खुद को और दूर और पारदर्शी बनाना पड़ेगा। राजशाही आज सत्ता से नहीं, बल्कि जनता के भरोसे से चलती है- और वही सबसे बड़ा खतरा है।