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कोविशील्ड: ब्रिटिश नियामक ने ईयू के साथ साझा किए आंकड़े, अनुमति को लेकर जॉनसन आश्वस्त

Fri, 02 Jul 2021 10:59 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, लंदन

सार

मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की ओर से निर्मित टीके को मंजूरी दे दी है, लेकिन यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) से क्षेत्र के कथित यात्रा पासपोर्ट के लिए उसकी सहमति मिलनी अभी बाकी है। इससे यह चिंता प्रकट की जा रही थी कि कोविशील्ड लगवा चुके भारतीयों और ब्रिटेन में भारत से आयातित टीके लगवा चुके हजारों लोगों को ईयू की यात्रा करेन में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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कोविशील्ड - फोटो : twitter@serum institute
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विस्तार
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ब्रिटेन के औषधि नियामक ने कोविशील्ड टीके की मंजूरी का मार्ग प्रशस्त करने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) में अपने समकक्षों के साथ प्रासंगिक आंकड़े साझा किए हैं। कोविशील्ड,ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 टीके का भारत निर्मित प्रारूप है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के कार्यालय सह आवास, डाउनिंग स्ट्रीट ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी कहा है कि वह ईयू द्वारा ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका टीके को मंजूरी दिये जाने के प्रति 'बहुत आश्वस्त' हैं।

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जॉनसन ने डाउनिंग स्ट्रीट पर जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के साथ संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि वह ऐसी कोई वजह नहीं देखते हैं कि एमएचआरए से मंजूरी प्राप्त टीके को टीका पासपोर्ट के लिए क्यों नहीं इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इस साल की शुरूआत में भारत ने कोविशील्ड की 50 लाख खुराक भेजी थीं। डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा था, वे एक जैसे उत्पाद हैं जिनकी अनुमति दी गई और एमएचआरए ने सुरक्षा व गुणवत्ता जांच की है। 

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ब्रिटेन में एक सप्ताह में डेल्टा स्वरूप से संक्रमण के 50824 नए मामले मिले

ब्रिटेन में कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप से संक्रमण के मामलों में वृद्धि जारी है और शुक्रवार को आए आंकड़ों के मुताबिक गत एक सप्ताह में इससे 50,824 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले के हफ्ते के मुकाबले डेल्टा स्वरूप से संक्रमण के मामलों में 46 फीसदी की वृद्धि हुई है।

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने बताया कि मामलों में वृद्धि के अनुपात में अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या नहीं बढ़ रही है जो संकेत देता है कि टीकाकरण कोरोना वायरस के अधिक संक्रामक डेल्टा स्वरूप पर भी असरदार है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के इस स्वरूप की सबसे पहले पहचान भारत में की गई थी।

आंकड़ों के मुताबिक, गत एक हफ्ते में डेल्टा बी1.617.2 स्वरूप से संक्रमण के 50,824 मामले आए हैं जबकि 42 मरीज उप-स्वरूप डेल्टा एवाई.1 से संक्रमित हुए हैं जिनमें के417एन बदलाव (म्यूटेशन) देखने को मिला है और आशंका है कि इसमें टीके के प्रति अधिक प्रतिरोधक क्षमता होगी।

आंकड़ों के मुताबिक, देश में गत सप्ताह अल्फा स्वरूप से संक्रमण के 823 मामले जबकि दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले पहचान किए गए बीटा स्वरूप से संक्रमण के 11 मामले आए हैं। नवीनतम आंकड़े गुरुवार को ब्रिटेन में सबसे अधिक 27,989 नए मामलों के आने की पृष्ठभूमि में जारी किए गए हैं।

इस बीच, ब्रिटेन की सरकार की ओर से इस महीने यात्रा सूची की समीक्षा किए जाने की भी उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि इस सूची में भारत को दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों के साथ प्रतिबंधित लाल सूची में रखा गया है जिसका अभिप्राय है कि इन देशों से आने वाले लोगों को होटल में अनिवार्य रूप से पृथकवास में रहना होगा।
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