प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ब्रिटेन में अपराधों पर लगाम लगाने को लेकर कई बार बयान दे चुके हैं। वहीं, अब उन्होंने बुधवार को कहा कि यदि कोई अपराधी न्यायाधीश के आदेश के बावजूद अपनी सजा में भाग लेने से इनकार करता है, तो उसे अतिरिक्त दो साल सलाखों के पीछे रहना होगा।
पीएम सुनक ने न्यायाधीशों को भयानक अपराधियों बलपूर्वक न्याय का सामना करने का आदेश देने की शक्ति सौंपने के लिए नई विधायी योजनाओं का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि देश के कुछ सबसे भयानक अपराधियों ने अदालत में अपने पीड़ितों का सामना करने से इनकार कर दिया है।
प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कि ऐसे अपराधियों को कायरों का रास्ता अपनाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। इसीलिए हम न्यायाधीशों को दुष्ट अपराधियों को उनकी सजा की सुनवाई में उपस्थित होने का आदेश देने की शक्ति दे रहे हैं, जो कटघरे में खड़े होनो से इनकार करते हैं।
हाल ही में, नर्स लुसी लेटबी को अपनी देखरेख में सात शिशुओं की हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद उसकी अनुपस्थिति में सजा सुनाई गई थी। इसके बाद पीएम ऋषि सुनक की प्रतिक्रिया सामने आई है। उनका मानना है कि जब जज जब अपराधियों के खिलाफ फैसला सुनाए तब अपराधियों की आँखों में देख सकते हैं और उन्हें उनके अपराध के विनाशकारी परिणामों की सजा को सुन सकते हैं।
इसके अलावा, यूके गृह कार्यालय जीवन को खतरे में डालने या हिंसा का डर पैदा करने के इरादे से ब्लेड वाली वस्तुएं रखने के लिए एक नया कानून लेकर आएगा। खतरनाक दिखने वाले चाकू और छुरी जो अपराध को बढ़ाने और जीवन को खतरे में डालने के अलावा किसी अन्य उद्देश्य की पूर्ति नहीं करते हैं, उन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
ब्रिटेन के कानून मंत्री क्रिस फिलिप ने कहा कि इस प्रकार के हथियार रखने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि हम इन चाकुओं पर प्रतिबंध लगा रहे हैं और सजा को और अधिक कठोर बना रहे हैं, ताकि हमारे समुदायों को आश्वस्त किया जा सके कि इस हिंसक अपराधी को उचित सजा का सामना करना पड़ेगा और जिंदगियां बचाई जाएंगी।