फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्रिटेन का ईयू से बाहर होने का रास्ता साफ, सांसदों ने दी ब्रेग्जिट समझौते को मंजूरी

Fri, 10 Jan 2020 05:30 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमंस ने यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के समझौते को गुरुवार को मंजूरी दे दी। समझौते के पक्ष में 330 वोट पड़े जबकि विरोध में 231 वोट डाले गए। मालूम हो कि बोरिस जॉनसन ने ब्रेग्जिट मुद्दे पर ही प्रचंड बहुमत के साथ पिछले महीने में सत्ता में दोबारा वापसी की थी। 

विज्ञापन


ब्रेग्जिट पर सांसदों की मंजूरी के साथ सालों की देरी के बाद ब्रिटेन के 31 जनवरी को यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। हालांकि अभी 'ईयू-यूके विदड्रॉल एग्रीमेंट बिल' को अनिर्वाचित हाउस ऑफ लॉर्ड्स और यूरोपीय संसद द्वारा पारित किया जाना बाकी है, जिसे केवल औपचारिकता मात्र माना जा रहा है।

करीब पांच दशक पुरानी सदस्यता समाप्त होगी

ब्रिटेन साल 1973 में 28 सदस्यीय यूरोपीय यूनियन का सदस्य बना था। ब्रेग्जिट के साथ ब्रिटेन की करीब पांच दशक पुरानी सदस्यता खत्म हो जाएगी। ऐसा करने वाला ब्रिटेन पहला देश होगा। हालांकि, ईयू के नियमों के तहत 31 दिसंबर तक वह कारोबार करेगा। 

क्या है ब्रेग्जिट

ब्रेग्जिट का मतलब है 'ब्रिटेन एग्जिट' यानी ब्रिटेन का यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलना। साल 2016 में ब्रिटेन में ब्रेग्जिट को लेकर जनमत संग्रह किया गया था। इसमें 50 फीसदी से ज्यादा लोगों का मानना था कि ब्रिटेन को यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलना चाहिए जबकि ब्रेग्जिट के विरोध में राय दी थी।

विज्ञापन

कंजरवेटिव पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की थी

इस साल ब्रिटेन में हुए आम चुनाव में सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की। बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी को 650 सीटों वाली संसद में 364 सीटें मिलीं। चुनाव परिणाम के साथ ही ब्रेग्जिट का रास्ता साफ हो गया था। इस चुनाव में एक दर्जन से अधिक भारतवंशी उम्मीदवारों ने भी जीत का परचम लहराया था।

1980 के दशक में मारग्रेट थ्रैचर के दौर के बाद कंजरवेटिव पार्टी की यह सबसे बड़ी जीत रही। नतीजों का एलान होने के बाद प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने दो-टूक कहा था कि हम यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन को अलग करने वाले ब्रेग्जिट को 31 जनवरी तक हर हाल में पारित कराएंगे। यानी 31 जनवरी के बाद ब्रिटेन ईयू का हिस्सा नहीं रहेगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें