UK: भारतीय मूल की ब्रिटिश छात्रा ग्रेस ओ'मैली कुमार को मरणोपरांत 'जॉर्ज मेडल' से सम्मानित किया गया। चाकू से हमले के दौरान उन्होंने अपने दोस्त को बचाने की कोशिश की थी और खुद भी जान गंवा दी थी। इस बहादुरी के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने पुरस्कार की घोषणा की।
भारतीय मूल की ब्रिटिश किशोरी ग्रेस ओ'मैली कुमार को सोमवार को मरणोपरांत 'जॉर्ज मेडल' से सम्मानित किया गया। यह ब्रिटेन का सर्वोच्च नागरिक वीरता पुरस्कारों में से एक है। दो साल पहले नॉटिंघम में चाकू से हमले के दौरान ओ'मैली कुमार ने अपने दोस्त को बचाने की कोशिश में जान गंवा दी थी।
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ग्रेस की तब उम्र 19 साल थी। जून 2023 में वह अपने दोस्त बार्नबी वेबर (19 वर्षीय) के साथ नॉटिंघम में विश्वविद्यालय से लौट रही थीं। तभी वाल्डो कालोकैन ने दोनों पर चाकू से हमला कर दिया था। इस हमले में दोनों की मौत हो गई थी। बाद में कालोकैन को मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित किया गया और उसे एक उच्च-सुरक्षा वाले अस्पताल में हिरासत में रखने का आदेश दिया गया।
मेडिकल की छात्रा थीं ग्रेस ओ'मैली कुमार
ग्रेस मेडिकल की छात्रा थीं। वह अपने माता-पिता डॉक्टर संजय कुमार और डॉक्टर सिनेएड ओ'मैली की तरह डॉक्टर बनने की पढ़ाई कर रही थीं। उन्हें देशभर में श्रद्धांजलि दी गई थी और वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग की जा रही थी। ग्रेस एक बेहतरीन खिलाड़ी खी भी थीं। उन्होंने इंग्लैंड की अंडर-18 हॉकी टीम के लिए भी खेला ता और वह एक अच्छी क्रिकेटर भी थीं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने की घोषणा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने जॉर्ज मेडल की घोषणा करते हुए कहा, मैं सभी सम्मान प्राप्त करने वालों को श्रद्धांजलि देना चाहता हूं, जिसमें ग्रेस ओ'मैली कुमार भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने दोस्त की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी विरासत बहादुरी का एक शक्तिशाली उदाहरण बनकर हमेशा जीवित रहेगी। यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया जा रहा है और इसे ग्रेस के परिवार को सौंपा जाएगा आधिकारिक प्रशस्ति पत्र में लिखा गया है, ग्रेस ओ'मैली-कुमार को 13 जून 2023 को नॉटिंघम में हुए एक हथियारबंद हमले में हस्तक्षेप करने के लिए जॉर्ज मेडल से सम्मानित किया गया है।