ब्रिटेन की संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ लॉर्ड्स) के एक सदस्य पीयर को मंगलवार को अपनी सहकर्मी ब्रिटिश भारतीय प्रचारक पूनम जोशी से माफी मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा। दरअसल, एक जांच में निष्कर्ष निकाला गया कि धमकी और उत्पीड़न से जुड़ी संसदीय आचार संहिता का उल्लंघन किया है। शिकायत में उन पर लंदन स्थित प्रचारक पूनम के खिलाफ चिल्लाने और अपमानजनक ट्वीट करने का आरोप लगाया गया था।
हाउस ऑफ लॉर्ड्स के मानक आयुक्त अकबर खान की रिपोर्ट में कहा गया है, सभी सबूतों पर विचार करने के बाद मैंने निष्कर्ष निकाला कि लॉर्ड रेंजर (पीयर) का व्यवहार धमकी और उत्पीड़न के मानदंडों को पूरा करता है और आचार संहिता का उल्लंघन करता है।
उन्होंने कहा, 'निष्कर्षों को देखते हुए मैंने सिफारिश की कि वह पूनम जोशी से अपने आचरण के लिए माफी मांगें और अभ्यास व व्यवहार परिवर्तन कोचिंग शुरू करें। लॉर्ड रेंजर ने इस कार्रवाई के लिए सहमति व्यक्त की और पूनम जोशी से लिखित माफी मांगी।'
इंडियन लेडीज यूके (आईएलयूके) महिला संगठन की संस्थापक जोशी ने जांच में कहा कि रेंजर के व्यवहार का उन पर और उनके परिवार के साथ-साथ उनके पेशेवर जीवन और आजीविका पर भी गहरा असर पड़ा है।
पूनम को लिखे माफी पत्र में भारतीय मूल के सांसद पीयर ने लिखा, मेरा व्यवहार उन उच्च मानकों से कम था, जिनकी मैं खुद से उम्मीद करता हूं और जो अन्य लोग हाउस ऑफ लॉर्ड्स के मौजूदा सदस्य के रूप में मुझसे उम्मीद करते हैं। मैंने अपना पछतावा व्यक्त किया है और मैं जोशी से माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा, 'जांच प्रक्रिया और रिपोर्ट को पढ़ने का मुझ पर गहरा और स्थायी प्रभाव पड़ा है। मैं आत्म-चिंतन करना जारी रखूंगा और इस अनुभव से सीखूंगा।'