सुनक सरकार
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ब्रिटेन में एक ओर 'ग्रूमिंग गैंग्स' यानी यौन शोषण के अपराधियों को लेकर टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की गई है, तो दूसरी ओर गृहमंत्री के एक बयान ने पाकिस्तान और ब्रिटेन को एक दूसरे के सामने लाकर खड़ा कर दिया है। गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने बच्चों और युवतियों के खिलाफ यौन अपराधों के लिए ब्रिटिश पाकिस्तानियों को जिम्मेदार बताया है। पाकिस्तान इसी बयान से बौखला गया है और माफी की मांग की है।
क्या है ग्रूमिंग गैंग?
ग्रूमिंग में अपराध एक कुटिल योजना और प्रक्रिया के तहत किया जाता है जिसमें अपराधी दिन या सप्ताह या महीने तक का वक्त लगाते हैं। इस दौरान अपराधी पहले तो पीड़िता का विश्वास जीतता है फिर उसे संबंध बनाने के लिए प्रेरित करता है। वह किसी भी पीड़िता को लुभाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाता है जैसे तोहफा देना आदि। अलग-अलग मामलों में अपराधी पीड़िता की कमजोरियों का भी फायदा उठाते हैं। इसके बाद जुर्म करने वाला व्यक्ति पीड़िता को यौन व्यवहार के प्रति असंवेदनशील बनाता है और उसके विरोध को खत्म करने की कोशिश करता है। कुछ समय के बाद पीड़िता उसके चंगुल में इस तरह फंस जाती है कि यौन शोषण के गंभीर अपराध की शिकायत भी नहीं कर पाती है।
ग्रूमिंग गैंग पर ब्रिटेन में क्या हो रहा है?
ब्रिटिश सरकार ग्रूमिंग गैंग के खिलाफ हमेशा हमलावर रही हैं। इसी कड़ी में बीते सोमवार को देश के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इससे निपटने के लिए एक नए टास्क फोर्स की घोषणा की। बच्चों और युवतियों के यौन उत्पीड़न के जिम्मेदार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए इस टास्क फोर्स में विशेषज्ञ अधिकारी भी शामिल होंगे।
लंदन
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कैसे काम करेगा टास्क फोर्स?
नए टास्क फोर्स की घोषणा करने से पहले सुनक ने एक बयान में कहा कि उनके लिए महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। नेशनल क्राइम एजेंसी द्वारा समर्थित विशेषज्ञ अधिकारियों के साथ ग्रूमिंग गैंग टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जो स्थानीय बलों की मदद करेगा और पुलिस जांच में मदद के लिए एथनिक डेटा के इस्तेमाल की पेशकश करेगा।
सुनक ने चेतावनी दी कि सियासी स्थिति ने हमें बहुत लंबे समय तक बच्चों और युवा महिलाओं को शिकार बनाने वाले घृणित अपराधियों को बाहर निकालने से रोका है। अब हम इन खतरनाक गिरोहों को खत्म करने के लिए किसी को नहीं रोकेंगे। डाउनिंग स्ट्रीट का कहना है कि टास्क फोर्स में ऐसे अधिकारी शामिल होंगे, जिन्हें ग्रूमिंग गैंग की जांच करने का व्यापक अनुभव होगा। वे ग्रूमिंग गिरोहों को जड़ से उखाड़ फेंकने और अपराधियों को सलाखों के पीछे डालने के लिए देशभर में बलों को जरूरी मदद देंगे। डाटा विश्लेषक इन अपराधों को अंजाम देने वाले अपराधियों की पहचान करने के लिए पुलिस-रिकॉर्ड किए गए एथनिक डेटा और खुफिया जानकारी का उपयोग करके टास्क फोर्स के साथ काम करेंगे।
Suella Braverman, सुएला ब्रेवरमैन
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गृहमंत्री ने इस पर क्या कहा है?
ब्रिटेन की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने कहा कि देश में ग्रूमिंग गैंग पर नकेल कसने की जरूरत है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराधों को अंजाम देने वाले गिरोह पुरुषों के हैं और इनमें सभी लगभग ब्रिटिश पाकिस्तानी हैं, लेकिन अधिकारियों ने राजनीति, नस्लवादी और कट्टर कहे जाने के डर से इन संकेतों से आंखें मूंद ली हैं।
यह जुर्म ब्रिटेन में कितना गंभीर है?
अपने इंटरव्यू के दौरान ब्रेवरमैन ने ग्रूमिंग गैंग के खतरों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एक ऐसी प्रथा है जिसके तहत कमजोर गोरी ब्रिटिश लड़कियां को ब्रिटिश पाकिस्तानी पुरुषों का गिरोह बहलाता-फुसलाता है, दुष्कर्म करता है, नशा देता है और शोषण करता है।
अपराध पर विस्तार से बोलते हुए गृहमंत्री ने कहा कि 2019 में शुरू की गई एक जांच में पाया गया था कि 1970 के दशक के बाद से श्रॉपशायर के टेलफोर्ड में 1,000 से अधिक बच्चों का ग्रूमिंग गिरोहों ने शोषण किया है। इसमें कहा गया कि यौन शोषण, ब्रेनवाशिंग और ड्रगिंग जैसे अपराध अनियंत्रित रूप से बढ़े और बच्चों का यौन शोषण आज भी होता है और पूरे देश में व्याप्त है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ(फाइल)
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पाकिस्तान क्यों भड़का?
साक्षात्कार के बाद ब्रिटिश मंत्री सुएला पाकिस्तान के निशाने पर आ गईं। पाकिस्तान का विदेश कार्यालय इस मामले में कूद पड़ा। कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने कहा कि ब्रेवरमैन ने ब्रिटिश पाकिस्तानियों को निशाना बनाने के लिए अत्यधिक भ्रामक चित्रण पेश किया है। बलूच ने कहा कि कुछ व्यक्तियों के आपराधिक व्यवहार को पूरे समुदाय के प्रतिनिधित्व के रूप में गलत तरीके से दिखाया गया है।
पुलिस अधिकारी के साथ ब्रिटेन की गृहमंत्री
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ब्रिटेन ने ग्रूमिंग गैंग का पाकिस्तानी कनेक्शन क्यों जोड़ा?
अपनी 2020 की रिपोर्ट में गृह मंत्रालय ने पाया कि रॉदरहैम, रोशडेल और टेलफोर्ड में पाकिस्तानी मूल के पुरुषों से जुड़े कई हाई-प्रोफाइल ग्रूमिंग और बाल यौन शोषण के केस थे। 2018 में हडर्सफील्ड में 20 पुरुषों के एक गिरोह को युवा लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण का दोषी ठहराया गया था। इसे ब्रिटेन का सबसे बड़ा ग्रूमिंग अपराध माना गया। दोषियों को 2004 और 2011 के बीच हडर्सफील्ड में 15 लड़कियों के खिलाफ 120 से अधिक यौन अपराधों का दोषी पाया गया। इसमें ज्यादातर दोषी पाकिस्तानी मूल के थे।
रोचडेल और ओल्डहैम के नौ पुरुषों को युवा लड़कियों का शोषण करने के आरोप में जेल भेजा गया था। बीबीसी की 2012 की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस समूह पर पीड़ितों को शराब और नशीले पदार्थ पिलाने और यौन शोषण करने का आरोप लगाया गया था। सभी दोषियों को 16 साल से कम उम्र की बच्चियों का यौन शोषण करने का दोषी पाया गया। दोषी ठहराए गए लोगों में से आठ पाकिस्तानी मूल के थे और एक अफगानिस्तान से था।