ऊर्जा मंत्री माइकल शैंक्स ने कहा, संयंत्र का बंद होना एक युग के अंत का प्रतीक है और कोयला श्रमिक वर्षों से देश को बिजली देने वाले अपने काम पर गर्व कर सकते हैं। उन्होंने कहा, कोयला युग खत्म हो रहा है, लेकिन हमारे देश के लिए अच्छी ऊर्जा वाली नौकरियों का नया युग शुरू हो रहा है।
ब्रिटेन का आखिरी कोयला आधारित बिजली संयंत्र सोमवार को बंद हो गया है। इससे देश में औद्योगिक क्रांति को जन्म देने वाली कोयला विद्युत की 142 वर्ष पुरानी व्यवस्था खत्म हो जाएगी। मध्य इंग्लैंड स्थित ‘रैटक्लिफ-ऑन-सोर स्टेशन’ अपनी अंतिम पाली के साथ आधी रात से हमेशा के लिए विराम ले लेगा।
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इस बारे में संयंत्र प्रबंधक पीटर ओ’ग्राडी ने कहा कि यह ‘भावुक कर देने वाला दिन है’। ब्रिटेन सरकार ने 2030 तक देश के लिए समूची ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से पैदा करने के प्रयासों में एक मील के पत्थर के रूप में कोयला आधारित बिजली संयंत्र के बंद होने की सराहना की। ऊर्जा मंत्री माइकल शैंक्स ने कहा, संयंत्र का बंद होना एक युग के अंत का प्रतीक है और कोयला श्रमिक वर्षों से देश को बिजली देने वाले अपने काम पर गर्व कर सकते हैं। उन्होंने कहा, कोयला युग खत्म हो रहा है, लेकिन हमारे देश के लिए अच्छी ऊर्जा वाली नौकरियों का नया युग शुरू हो रहा है। संयंत्र के प्रबंधक ने कहा, अब कोयले के बिना ही जीवन चलेगा।
गुजरी पीढि़यों के ऋणी : शैंक्स
ब्रिटेन के ऊर्जा मंत्री माइकल शैंक्स ने कहा, इस संयंत्र ने देश को 140 से ज्यादा साल तक बिजली दी है। एक देश के रूप में हम (गुजरी) पीढ़ियों के प्रति ऋणी हैं। लेकिन उन्होंने कहा, अब शायद कोयले का युग खत्म हो रहा है। हालांकि हमारे देश के लिए नई नौकरियों का एक नया युग अब शुरू हो रहा है। अच्छी ऊर्जा वाली नौकरियों के लिए नए युग में प्रतिभाशाली युवाओं की जरूरत होगी और इसके लिए हम तैयार हैं।