ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कानूनी चिंताओं का हवाला देते हुए ईरान पर हमले के लिए ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों का उपयोग करने के वॉशिंगटन के अनुरोध को शुरू में अस्वीकार कर दिया था। हालांकि, सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में ब्रिटिश सैन्य संपत्तियों पर हमले के बाद स्टार्मर ने बाद में रक्षात्मक कार्रवाई में हिस्सा लेने का फैसला किया।
ईरान ने ब्रिटेन की ओर से तेहरान पर हमलों के लिए अमेरिकी सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत पर नाराजगी जताई। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार को ब्रिटेन के लिए चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की ज्यादातर जनता ईरान के खिलाफ इस्राइल-अमेरिका के इस युद्ध में किसी भी तरह से शामिल नहीं होना चाहती।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अपनी ही जनता की अनदेखी करते हुए ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों को ईरान के खिलाफ आक्रामकता के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देकर प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ब्रिटिश नागरिकों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। अराघची ने ब्रिटेन के फैसले पर कहा कि ईरान अपनी आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।
ब्रिटेन ने अमेरिका को दी सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत
अब्बास अराघची के इस बयान से पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग के ब्रिटेन तक पहुंचने की आशंका गहरा गई है। गौरतलब है कि ब्रिटेन ने होर्मुज जलडमरूमध्य को निशाना बनाने वाले ईरानी ठिकानों पर हमला करने के लिए अमेरिका को अपने ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के मंत्रियों ने शुक्रवार को अमेरिकी अभियानों के दायरे को बढ़ाने पर सहमति जताई। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ईरानी मिसाइल ठिकानों को निष्क्रिय करने के लिए रक्षात्मक अभियान शामिल हैं।
क्या अमेरिकी दबाव के आगे झुका ब्रिटेन?
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन ने पहले इस तरह की अनुमति को उन अभियानों तक सीमित रखा था, जिनका उद्देश्य ब्रिटिश नागरिकों या हितों को सीधे तौर पर खतरे में डालने वाले ईरानी मिसाइल हमलों को रोकना था। वहीं, ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी की विपक्षी नेता केमी बैडेनोच ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस कदम की आलोचना करते हुए इसे सबसे बड़ा यू-टर्न बताया है।
यह फैसला ईरानी विदेश मंत्री की उस चेतावनी के कुछ ही समय बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ब्रिटेन द्वारा अपने ठिकानों तक अमेरिकी पहुंच की अनुमति देने के फैसले को तेहरान आक्रामकता में भागीदारी के रूप में देखेगा।