दक्षिण-पूर्वी ईरान के अशांत इलाके में आज ईरानी सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक ब्रिगेडियर की कार पर गोलीबारी की गई। इसमें ब्रिगेडियर हुसैन अल्मासी बाल-बाल बच गए, जबकि उनका एक अंगरक्षक मारा गया।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी इरना के अनुसार अल्मासी सिस्तान बलूचिस्तान प्रांत के गार्ड कमांडर हैं। हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ब्रिगेडियर के पुत्र ने बताया कि हमले में बॉडीगार्ड मेहमूद अब्सलान मारा गया। हमला प्रांतीय राजधानी जेहदान में हुआ।
यह हमला ईरानियों द्वारा सबसे पवित्र मानी जाने वाली रात को हुआ था। पाकिस्तानी और अफगान सीमाओं के पास सुन्नी मुस्लिम बहुल सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत, लंबे समय से ड्रग तस्करी करने वाले गिरोहों और देश के शिया अधिकारियों से लड़ने वाले आतंकियों के बीच संघर्ष के कारण लंबे समय से अशांत है। आज ही 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद रिवोल्यूशनरी गार्ड की स्थापना की सालगिरह भी है।
ईरान के सुन्नी मुस्लिमों की शिकायत है कि सरकार उनसे भेदभाव करती है, जबकि सरकार ने आरोप का खंडन किया है। 2009 में एक आत्मघाती हमलावर ने रिवॉल्यूशनरी गार्ड के छह वरिष्ठ कमांडरों को मार डाला था। यह घटना भी सिस्तान बलूचिस्तान में ही हुई थी। रिवॉल्यूशनरी गार्ड ईरान की सबसे ताकतवार सेना मानी जाती है। इसके खिलाफ 2009 का हमला सबसे घातक माना जाता है।