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ईरान पर रहम के मूड में नहीं ट्रंप: अगले हफ्ते का टारगेट पहले ही किया सेट, कहा- पुल-पावर प्लांट होंगे निशाने पर

Wed, 15 Jul 2026 07:19 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान पर अमेरिकी हमले अगले तीन दिनों में और तेज होंगे। 'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले से जुड़े तीन सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों को बड़े पैमाने पर बढ़ाने पर चर्चा करने के लिए व्हाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम' में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। 
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डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगले कुछ दिनों में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ तो उसके पावर प्लांट और पुलों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। व्हाइट हाउस की उच्चस्तरीय बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बड़े सैन्य हमलों की रणनीति पर चर्चा हुई। दूसरी ओर, ईरान भी अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

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क्या होर्मुज से आगे बढ़ेगा अमेरिकी अभियान?
यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब अमेरिकी सेना ने लगातार चौथे दिन होर्मुज़ जलडमरूमध्य और ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, रडार प्रतिष्ठानों, एंटी-शिप मिसाइल ठिकानों और ड्रोन लॉन्च साइटों को निशाना बनाकर हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर करना है, जिसके जरिए वह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

क्या ट्रंप ने बड़े युद्ध का संकेत दिया?
बैठक से पहले ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि आने वाले दिनों में सैन्य अभियान और तेज होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान बातचीत से इनकार करता है तो उस पर पहले से कहीं बड़े हमले किए जाएंगे। अमेरिकी सेना अगले तीन दिनों में ईरान पर जोरदार हमला करने जा रही है। इसके बाद उन्होंने संकेत दिया कि यह अभियान और भी व्यापक हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि अगला हफ्ता उनके लिए बहुत बुरा होने वाला है, क्योंकि अगले हफ्ते पावर प्लांट और पुलों पर हमले होंगे। हम उनके सभी पावर प्लांट और पुलों को नष्ट कर देंगे, जब तक कि वे बातचीत की मेज पर नहीं आते।
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सिचुएशन रूम की बैठक में कौन-कौन शामिल था?
इस उच्चस्तरीय बैठक में ट्रंप के साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ, व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अन्य वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी शामिल थे।

क्या तेहरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति बनाई गई?
खबरों के अनुसार, बैठक का मुख्य फोकस बड़े पैमाने पर सैन्य हमलों के विकल्पों पर था। इसका उद्देश्य तेहरान पर इतना दबाव बनाना है कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खुला रखने के साथ-साथ अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की प्रमुख मांगों को भी स्वीकार करे।

'पिकएक्स माउंटेन' पर अमेरिका की नजर क्यों?
ट्रंप ने यह भी कहा कि वाशिंगटन 'पिकएक्स माउंटेन' पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है। यह जमीन के काफी नीचे स्थित एक ऐसा परिसर बताया जाता है, जिसके बारे में अमेरिकी और इजराइली अधिकारियों का मानना है कि इसका इस्तेमाल ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कार्यों के लिए किया जा सकता है। अमेरिकी 'बंकर-बस्टर' बम जमीन के गहरे भीतर मौजूद लक्ष्यों को भी निशाना बनाने में सक्षम हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उस स्थान पर वास्तव में कोई परमाणु गतिविधि चल रही है या नहीं। ट्रंप ने कहा, "वैसे, किसी को नहीं पता कि वे 'पिकएक्स' में कुछ कर भी रहे हैं या नहीं। यह बस एक संभावना है, जिस पर चर्चा हो रही है। हमने वहां निगरानी के लिए कैमरे लगा रखे हैं। फिलहाल वहां बहुत कम गतिविधि दिखाई दे रही है, लेकिन अगर ज़रा भी हलचल हुई तो हम उस पर ज़ोरदार हमला करेंगे।"

क्या खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है?
यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब खाड़ी क्षेत्र में सैन्य अभियान लगातार जारी हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हालिया हमलों का मकसद ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर एंटी-शिप मिसाइल तथा ड्रोन हमले करने की उसकी क्षमता को खत्म करना है। 

ये भी पढ़ें: US-Iran Conflict: अमेरिकी सेना ने दिन के उजाले में शुरू किए हवाई हमले, क्या पश्चिम एशिया में बढ़ेगा तनाव?
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ईरान ने जवाबी कार्रवाई में क्या किया?
इस बीच, ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं। इससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और अधिक बढ़ गया है तथा क्षेत्रीय संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका भी गहरा गई है।

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