ब्रिक्स में टरिफ नीति की आलोचना पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स देशों को अमेरिका विरोधी कहा। इसपर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने ट्रंप पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया को अब सम्राट नहीं चाहिए। इसके साथ ही रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने भी ट्रंप के इन आरोपों का जोरदार जवाब दिया है।
ब्रिक्स सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर खुब चर्चा हुई। ब्रिक्स देशों ने बड़े पैमाने पर टैरिफ नीति की नींदा भी की। इस बात पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए। उन्होंने ब्रिक्स देशों पर अमेरिका विरोधी होने का आरोप लगा दिया। हालांकि ब्रिक्स देशों के नेताओं ने ट्रंप के इस आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इतना ही नहीं ट्रंप के इस आरोप पर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने कहा कि दुनिया को अब किसी सम्राट की जरूरत नहीं है।
और नेताओं ने क्या-क्या कहा?
ट्रंप की इस चेतावनी पर अन्य देशों के नेताओं ने भी चेतावनी दी। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि ब्रिक्स किसी वैश्विक शक्ति से प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा है और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर वे आशावादी हैं।
चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि टैरिफ का इस्तेमाल दबाव बनाने के औजार के रूप में नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स विन-विन सहयोग को बढ़ावा देता है, न कि किसी देश के खिलाफ है। वहीं रूस के क्रेमलिन प्रवक्ता ने कहा कि रूस और ब्रिक्स का सहयोग एक साझा सोच पर आधारित है और यह कभी भी किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं होगा।