ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन (फाइल फोटो)
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी तरह उबर गए हैं। उन्होंने रविवार को बताया कि लंदन के डॉक्टरों ने उनकी मौत की घोषणा करने की तैयारी कर ली थी। उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई को मौत से सामना वाला अनुभव बताया। जॉनसन ने कहा कि आईसीयू से बाहर आना राहत की बात है।
55 साल के जॉनसन को पांच अप्रैल को तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ने पर सेंट थॉमस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेडिकल स्टाफ की काफी कोशिशों के बाद उन्हें बचा लिया गया। उनका कहना है कि चीजें किसी भी तरह हो सकती थीं। द सन के साथ हुई बातचीत में जॉनसन ने मौत के साथ अपने सामने को लेकर बात की।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में उन्हें कई लीटर ऑक्सीजन दिया जा रहा था लेकिन आईसीयू में उनके स्वास्थ्य में कोई खास प्रगति नहीं दिख रही थी। जिसकी वजह से डॉक्टरों को मजबूरन उनकी मौत के बारे में घोषणा करने की तैयारी करनी पड़ी थी। उन्होंने उस समय को याद करते हुए कहा, 'वह काफी कठिन समय था। मैं इस बात से इनकार नहीं कर सकता। मेरी हालत ठीक नहीं थी लेकिन मुझे पता था कि आकस्मिक योजनाएं बनाई जा रही हैं। डॉक्टरों के पास सभी तरह के इंतजाम थे कि अगर कुछ गलत हुआ तो क्या करना चाहिए।'
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह विश्वास करना काफी मुश्किल था कि केवल कुछ दिनों में मेरी हालत इस कदर बिगड़ गई। मुझे याद है कि मैं निराशा महसूस कर रहा था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं ठीक क्यों नहीं हो रहा हूं। सबसे बुरा समय तब आया जब 50-50 की परिस्थिति बन गई। उन्होंने मेरे विंडपाइप के नीचे एक ट्यूब लगाई। मुझे लगा इस बीमारी की कोई दवाई नहीं है, कोई इलाज नहीं है। मैं इससे कैसे ठीक होउंगा।'
जॉनसन की मंगेतर कैरी साइमंड्स ने एक बेटे को जन्म दिया है। जिसका मिडिल नाम उन्होंने निकोलस रखा है। इसे उन्होंने आईसीयू में उनकी जान बचाने वाले डॉक्टर निकोलस प्राइस और निकोलस हार्ट के नाम पर रखा है। उन्होंने अपनी जिंदगी बचाने के लिए मेडिकल स्टाफ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, 'इसके लिए अद्भुत, अद्भुत नर्सिंग का धन्यवाद जिनकी वजह से मैं बच गया। मैं यह नहीं समझा सकता कि यह कैसे हुआ। मुझे नहीं पता। यह देखकर मुझे काफी खुशी हो रही है।'