ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन (फाइल फोटो)
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को अमेरिकी व्यवसायी जेनिफर अर्चुरी के साथ अपने संबंधों को लेकर आपराधिक जांच का सामना नहीं करना पड़ेगा। जॉनसन पर आरोप था कि जब वह लंदन मेयर थे तब जेनिफर अर्चुरी के साथ उनके अंतरंग संबंध थे और उन्होंने जेनिफर को फायदा पहुंचाया था, लेकिन इसके कोई भी सबूत नहीं मिले हैं। ब्रिटेन में यह प्रधानमंत्री पर लगे आरोपों की सत्यता की जांच के लिए मुकदमा दर्ज होने से पूर्व की प्रक्रिया है। जॉनसन को फिलहाल इसमें राहत मिली है।
द इंडिपेंडेंट ऑफिस फॉर पुलिस कंडक्ट (आईपीओसी) ने गुरुवार को कहा कि वह सार्वजनिक कार्यालय में कदाचार के दावों पर प्रधानमंत्री की के खिलाफ जांच शुरू नहीं करेगा। लेकिन लंदन असेंबली ने कहा कि वह आरोपों की अपनी जांच फिर से शुरू करेगी।
अर्चुरी को पब्लिक मनी से हजारों पाउंड मिले और जॉनसन की अगुवाई में तीन विदेशी व्यापार यात्राओं का भी प्रबंध किया गया, जब वह मेयर थे। इस मामले को लेकर पीएम और अर्चुरी ने अभी तक कुछ नहीं कहा है और ना ही अपने रिश्ते को लेकर कोई सफाई दी है।
द इंडिपेंडेंट ऑफिस फॉर पुलिस कंडक्ट के महानिदेशक माइकल लॉकवुड ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं था कि जॉनसन ने प्रायोजकों को दान या व्यापार मिशन में भाग लेने के लिए प्रभावित किया था। जॉनसन ने सुझाव दिए थे इस बात के सबूत मिले हैं, लेकिन उन अधिकारियों ने अपने फैसले खुद लिए। जॉनसन और जेनिफर के बीच नजदीकी संबंध होने के सुबूत मिले हैं जिनका लाभ अमेरिकी महिला को सरकारी काम के ठेके मिलने में हो सकता है।
आईपीओसी ने बोरिस जॉनसन और ग्रेटर लंदन अथॉरिटी को सूचित किया कि वह इन आरोपों की आपराधिक जांच नहीं करेगा कि लंदन के मेयर के पद पर रहते हुए जॉनसन ने अमेरिकी व्यवसायी जेनिफर को फायदा पहुंचाया या नहीं। जॉनसन के डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय ने कहा कि राजनीति से प्रेरित शिकायत को बाहर फेंक दिया गया है। यह पुलिस का मामला नहीं था, सिर्फ पुलिस का समय बर्बाद किया गया है।
एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक लंदन के मेयर रहते हुए जॉनसन ने 2013 और 2014 में जेनिफर को हजारों पाउंड की रकम का नाजायज फायदा कराया। जेनिफर के संगठन को कई कार्यो के गलत ढंग से ठेके मिले।