ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (फाइल फोटो)
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ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने गुरुवार को सांसदों से कहा कि वह उन्हें ब्रेग्जिट विधेयक पर बहस करने के लिए और समय देने के लिए तैयार हैं बशर्तें कि वह 12 दिसंबर को आम चुनाव करवाने के लिए राजी हो जाएं। उनकी यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई।
माना जा रहा है कि शुक्रवार को यूरोपियन यूनियन (ईयू) इस बात की पुष्टि कर देगी कि वह ब्रेग्जिट के लिए तय समयसीमा को 31 अक्तूबर से आगे बढ़ाने वाली है या नहीं। जॉनसन ने कहा, 'मुझे लगता है ब्रेग्जिट सांसदों की मर्जी के साथ होना चाहिए और यदि उन्हें इस विधेयक पर शोध करने के लिए और समय चाहिए तो उन्हें वह मिल सकता है लेकिन उन्हें 12 दिसंबर को आम चुनाव के लिए राजी होना पड़ेगा।'
उन्होंने आगे कहा, 'यह ऐसा समय है जब यूके के लोगों के लिए विपक्ष को हमारे साथ आना चाहिए।' जॉनसन ने पिछले हफ्ते यूरोपीय संघ से अलग होने वाले समझौते को रिन्यू किया। इससे उन्होंने विवादास्पद आयरिश बैकस्टॉप क्लॉज को हटा लिया है। पिछले हफ्ते हुए मतदान में जॉनसन को कम वोट मिले थे जिससे कि अक्तूबर तक ब्रेग्जिट करने का उनका वादा प्रभावित हुआ।
इससे पहले ब्रिटिश सांसदों ने जॉनसन के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था जिसमें ब्रेग्जिट बिल की तीन दिन में समीक्षा की बात कही गई थी। हाउस ऑफ कॉमंस में सांसदों ने पहले ब्रेग्जिट बिल का समर्थन किया लेकिन फिर उसकी समीक्षा के लिए कम समय देने पर विरोध में वोट कर दिया।
इसके बाद जॉनसन ने कहा था कि वह इससे बेहद निराश हैं, क्योंकि सांसदों ने ब्रेग्जिट डील को और पीछे खिसकाने के लिए वोट दिया है। इससे ब्रिटेन में अस्थिरता और बढ़ेगी। बता दें कि सदन में जॉनसन ने चेतावनी दी थी कि अगर सांसद ब्रेग्जिट को नकार देते हैं और यूरोपीय संघ ब्रेग्जिट के लिए तय 31 अक्तूबर की डेडलाइन बढ़ाता है तो वे दोबारा चुनाव करवाएंगे।