जॉनसन और हंट दोनों ने पार्टी के भारतीय समुदाय तक पहुंच के लिए विशेष प्रयास किए। हंट ने जहां यह कहा था कि प्रधानमंत्री बनने पर वह ब्रेग्जिट के बाद भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर काम करेंगे, वहीं जॉनसन ने कहा था कि अगर वह प्रधानमंत्री निर्वाचित होते हैं तो भारत के साथ नवीन और उन्नत व्यापार संबंध स्थापित करेंगे।
लंदन के पूर्व मेयर जॉनसन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूत निजी संबंध रहे हैं। वह अलग हो चुकी अपनी पत्नी मैरिना व्हीलर की मां के भारतीय होने के कारण विगत में खुद को भारत का दामाद करार दे चुके हैं। चांसलर फिलिप हैमंड और न्याय मंत्री डेविड गाउके सहित कई कैबिनेट मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि वे ब्रेग्जिट की 31 अक्टूबर की समयसीमा पर जॉनसन के करो या मरो संकल्प की वजह से उनके अधीन काम करने की जगह इस्तीफा देना पसंद करेंगे।
विदेश कार्यालय मंत्री एलन डंकन परिणाम घोषित होने से पूर्व ही जॉनसन की ब्रेग्जिट रणनीति के विरोध में पहले-पहल इस्तीफा देने वालों में शुमार हो गए। शिक्षा विभाग से संबंधित मंत्री एने मिल्टन ने भी परिणाम घोषित होने से पहले मे को अपना इस्तीफा भेज दिया। एक महीने तक चले नेतृत्व संबंधी अभियान के दौरान जॉनसन की रंगीनमिजाजी वाली निजी जिंदगी को लेकर भी खूब बातें हुईं। ब्रिटिश मीडिया कयासबाजी में लगी है कि जॉनसन की महिला मित्र कैरी सिमोंड्स 10 डाउनिंग स्ट्रीट में प्रधानमंत्री के साथ होंगी या नहीं।
उधर टेरेसा मे ने मंगलवार को डाउनिंग स्ट्रीट में अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। अब वह हाउस ऑफ कॉमन्स में प्रधानमंत्री संबंधी अंतिम चर्चा में शामिल होंगी। उसके बाद वह महारानी को अपना इस्तीफा सौंपने बकिंघम पैलेस जाएंगी। इसके बाद 93 वर्षीय महारानी नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री जॉनसन को सरकार के गठन का आमंत्रण देंगी। इसके बाद जॉनसन प्रधानमंत्री के रूप में डाउनिंग स्ट्रीट में अपना पहला संबोधन देंगे।
नए प्रधानमंत्री बृहस्पतिवार की सुबह अपनी पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद ब्रिटिश संसद की गर्मी की छुट्टियां शुरू हो जाएंगी जो सितंबर के शुरू तक रहेंगी।