अमेरिकी अंतरिक्ष परिवहन कंपनी ब्लू ओरिजिन ने एक संचार उपग्रह प्रक्षेपित किया, लेकिन वह गलत कक्षा में पहुंच गया, जिससे उसका सीधे मोबाइल से संपर्क करने वाली प्रणाली काम नहीं कर सकी और कंपनी को उसे निष्क्रिय करना पड़ा। कंपनी और एएसटी स्पेसमोबाइल ने बताया कि तकनीकी खराबी की जांच चल रही है। पढ़िए रिपोर्ट-
अमेरिकी अंतरिक्ष परिवहन कंपनी ब्लू ओरिजिन ने एक उपग्रह लॉन्च किया। यह एएसटी मोबाइल का 'ब्लूबर्ड 7 संचार उपग्रह' था। लेकिन यह उपग्रह गलत कक्षा (ऑर्बिट) में भेज दिया गया। इसलिए यह सही तरीके से काम नहीं कर पाया। इससे इसका मोबाइल से सीधे संपर्क करने वाली प्रणाली काम नहीं कर सकी। नतीजा यह हुआ कि कंपनी को उपग्रह को निष्क्रिय करना पड़ा।
विज्ञापन
ब्लू ओरिजिन का न्यू ग्लेन रॉकेट रविवार सुबह लॉन्च हुआ था। यह लॉन्च फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से किया गया। रॉकेट का पहला चरण (बूस्टर) सफल रहा। यह अटलांटिक महासागर में एक बिना मानव वाले जहाज पर सुरक्षित उतर गया। लेकिन रॉकेट अपना मुख्य काम पूरा नहीं कर सका। यानी वह संचार उपग्रह को पृथ्वी की निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट) में नहीं भेज सका।
एएसटी स्पेसमोबाइल ने प्रक्षेपण के बाद जारी बयान में कहा कि उपग्रह अलग हो गया और चालू भी हो गया। लेकिन उसकी ऊंचाई बहुत कम है। जिससे वह अपने थ्रस्टर से काम नहीं कर सकता और अब उसे कक्षा से हटाया जाएगा।
विज्ञापन
मार्क-3 ने लॉन्च किया था एएसटी स्पेसमोबाइल का ब्लूबर्ड 6 उपग्रह
भारत के प्रक्षेपण यान मार्क-3 ने पहले एक उपग्रह लॉन्च किया था। यह उपग्रह एएसटी स्पेसमोबाइल का ब्लूबर्ड 6 था। इसे 23 दिसंबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था। न्यू ग्लेन रॉकेट का यह तीसरा मिशन था और अब जांच पूरी होने तक इसे रोक दिया गया है।
एफएए ने जांच के आदेश दिए
संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) ने ब्लू ओरिजिन को जांच करने का आदेश दिया है। कंपनी को पूरी घटना की समीक्षा करनी होगी। रॉकेट की उड़ान अभी रोक दी गई है। उड़ान तभी दोबारा शुरू होगी, जब पूरी सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी।
ब्लू ओरिजिन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि दूसरे चरण के दौरान एक इंजन पर्याप्त जोर नहीं दे सका, जिससे तय कक्षा हासिल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि कंपनी जांच कर रही है और सुधार कर जल्द उड़ान फिर से शुरू करेगी और एएसटी स्पेसमोबाइल के साथ आगे भी सहयोग जारी रहेगा।