नासा के बयान के मुताबिक, मार्स ओडिसी ऑर्बिटर का थर्मल एमिशन इमेजिंग सिस्टम दिन और रात दोनों समय मंगल के तापमान को मापता रहता है। इससे वैज्ञानिकों को यह निर्धारित करने में मदद मिलती है कि इस ग्रह पर चट्टान, रेत या धूल जैसी भौतिक सामग्री मौजूद हैं कि नहीं। इसका डेटा इन सामग्रियों के गर्म होने और उनके ठंडे होने के तरीकों का भी पता लगाता है।
मंगल ग्रह पर ओडिसी के 20 साल
ओडिसी को 7 अप्रैल, 2001 को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल एयर फोर्स स्टेशन से लांच किया गया था। अंतरिक्ष के इतिहास में यह सबसे लंबे समय तक मंगल पर काम करने वाला अंतरिक्ष यान बनने का गौरव प्राप्त कर चुका है। नासा के वैज्ञानिकों की यह एक बड़ी उपल्बिध थी। इन तस्वीरों को मार्स ओडिसी ने नवंबर, 2002 और नवंबर, 2004 के दौरान ली थी। इसे नासा ने ओडिसी के 20 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जारी किया है।