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श्रीलंका में फिर हुआ बम धमाका, राजधानी कोलंबो में हाईअलर्ट

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Thu, 25 Apr 2019 01:41 PM IST
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कोलंबो, श्रीलंका - फोटो : File Photo

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से 40 किमी पूर्व में पुगोड़ा शहर में धमाका होने की खबर आई है। राइटर्स के मुताबाकि इस शहर से धमाके की आवाज सुनाई दी है। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

 

ईस्टर संडे पर हुए आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार धमाकों के बाद से यहां आपातकाल लगा हुआ है। पूरा देश हाई अलर्ट पर है। आतंकी हमले की जांच की जा रही है। इस जांच में आए दिन बड़े खुलासे हो रहे हैं। हमला करने के लिए चर्च और फाइव स्टार होटलों को निशाना बनाया गया था।



सेना की मदद से किया जा रहा जांच अभियान अभी भी जारी है। अब 16 और संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार संदिग्धों की कुल संख्या 76 हो गई है। इनसे पूछताछ की जा रही है।

माना जा रहा है कि नौ आत्मघाती हमलावर स्थानीय इस्लामी संगठन नेशनल तौहीद जमात के सदस्य थे। इस संगठन को हमलों का जिम्मेदार माना जा रहा है लेकिन इसने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। देशभर में करीब छह हजार सेना के जवानों को तैनात किया गया था। 

आपातकालीन नियमों के अनुसार संदिग्ध संपत्तियों की जांच, गिरफ्तारी और लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। बुधवार को रात 10 बजे जो कर्फ्यू लगाया गया, उसे गुरुवार को शाम चार बजे हटा लिया गया।  

मंगलवार को वैश्विक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इन हमलों की जिम्मेदारी ले ली। माना जा रहा है कि हमले को अंजाम देने में इस संगठन का साथ स्थानीय इस्लामी संगठन तौहीद जमात ने दिया है। अभी तक मरने वालों की संख्या 359 पर पहुंच गई है। वहीं सैकड़ों लोग घायल हैं।
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कोलंबो, श्रीलंका - फोटो : File Photo
श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से 40 किमी पूर्व में पुगोड़ा शहर में धमाका होने की खबर आई है। राइटर्स के मुताबाकि इस शहर से धमाके की आवाज सुनाई दी है। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

 

ईस्टर संडे पर हुए आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार धमाकों के बाद से यहां आपातकाल लगा हुआ है। पूरा देश हाई अलर्ट पर है। आतंकी हमले की जांच की जा रही है। इस जांच में आए दिन बड़े खुलासे हो रहे हैं। हमला करने के लिए चर्च और फाइव स्टार होटलों को निशाना बनाया गया था।

सेना की मदद से किया जा रहा जांच अभियान अभी भी जारी है। अब 16 और संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार संदिग्धों की कुल संख्या 76 हो गई है। इनसे पूछताछ की जा रही है।

माना जा रहा है कि नौ आत्मघाती हमलावर स्थानीय इस्लामी संगठन नेशनल तौहीद जमात के सदस्य थे। इस संगठन को हमलों का जिम्मेदार माना जा रहा है लेकिन इसने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। देशभर में करीब छह हजार सेना के जवानों को तैनात किया गया था। 

आपातकालीन नियमों के अनुसार संदिग्ध संपत्तियों की जांच, गिरफ्तारी और लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। बुधवार को रात 10 बजे जो कर्फ्यू लगाया गया, उसे गुरुवार को शाम चार बजे हटा लिया गया।  

मंगलवार को वैश्विक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इन हमलों की जिम्मेदारी ले ली। माना जा रहा है कि हमले को अंजाम देने में इस संगठन का साथ स्थानीय इस्लामी संगठन तौहीद जमात ने दिया है। अभी तक मरने वालों की संख्या 359 पर पहुंच गई है। वहीं सैकड़ों लोग घायल हैं।

श्रीलंका में बम धमाके - फोटो : social media
श्रीलंका के रक्षा मंत्री रुवान विजयवर्दने ने बुधवार को बताया था कि मृतकों में 39 विदेशी भी शामिल हैं। विदेशियों में 17 की पहचान कर ली गई है और इनके शवों को परिवारों को सौंप दिया गया है। जांच अभी भी जारी है।

इस्लामिक स्टेट ने द्वीप राष्ट्र में हुए इन घातक हमलों की जिम्मेदारी ली और हमलों को अंजाम देने वाले आत्मघातियों की पहचान भी की है।  हमलों को सात आत्मघाती हमलावरों ने अंजाम दिया था।

बता दें आतंकी हमले के करीब 56 घंटे बाद आतंकी संगठन आईएस ने इसकी जिम्मेदारी ली। उसने सभी आठों हमलावरों का वीडियो जारी किया। जिसमें हमलावर बगदादी की कसम खाकर न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों पर हुए हमलों का बदला लेने की बात कर रहे हैं। वीडियो में सभी हमलावर आईएस की ड्रेस में दिख रहे हैं।

इससे पहले श्रीलंका के रक्षा मंत्री ने ये भी कहा था कि शुरुआती जांच में पता चला है कि क्राइस्टचर्च का बदला लेने के लिए श्रीलंका के चर्चों और होटलों में धमाके किए गए। स्थानीय संगठन तौहीद जमात ने भी इन हमलों की जिम्मेदारी ली है।

बिना विदेशी नेटवर्क की मदद से इसे अंजाम नहीं दिया जा सकता था। गौरतलब है कि बीते 15 मार्च को क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में एक सनकी शख्स के हमले में 50 लोग मारे गए थे।
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