विश्व में सिर्फ 2.5 हजार काले गैंडे बचे हैं, दक्षिण अफ्रीका में इनकी संख्या है दो हजार। फिर भी दक्षिण अफ्रीका ने इन गैंडों की ट्रॉफी हंटिंग संख्या 5 से बढ़ाकर 10 करने की अनुमति मांगी, जिस पर अंतरराष्ट्रीय लुप्तप्राय प्रजाति व्यापार संधि (साइट्स) की बैठक में उसे कनाडा और यूरोपीय संघ की मदद से बहुमत का समर्थन भी मिल गया। 28 अगस्त तक चलने वाली इस 10 दिवसीय बैठक के समापन सत्र में प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक में अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय संघ के व्यवहार से संकेत मिला कि वे वन्य जीव संरक्षण के बजाय शिकार व कारोबार के ज्यादा इच्छुक हैं।
दक्षिण अफ्रीका का कहना है कि काले गैंडों के शिकार का कोटा देश में गैंडों की कुल आबादी का 0.5 प्रतिशत और अधिकतम 10 होना चाहिए। उसका तर्क है कि ट्रॉफी हंटिंग पैसा कमाने का बड़ा जरिया है, इससे जुटाए फंड का वह काले गैंडों के ही संरक्षण में उपयोग करेगा। कुछ देशों और संगठनों ने इसका विरोध किया, लेकिन बोत्सवाना, जिम्बाब्वे, ईस्वातिनी (पूर्व में स्वाजीलैंड) के साथ कनाडा, यूरोपीय संघ के सभी 28 देशों ने इसका समर्थन किया और प्रस्ताव पास हो गया। काले गैंडों की संख्या 1992 में 800 ही रह गई थी।
शिकार और कारोबार से पृथ्वी से लुप्त हो रहे जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों को बचाने के लिए 1975 में साइट्स संधि की गई। हर तीन साल में इसकी बैठक होती है जहां करीब 35 हजार जीवों-पौधाें और उसने जुड़े हजारों करोड़ डॉलर के वैश्विक कारोबार पर निर्णय लिए जाते हैं। इसमें 183 देश व संगठन शामिल होते हैं। साइट्स के अंतिम निर्णय का पालन न करने वाले देश से बाकी 182 देश व संगठन वन्यजीव कारोबारी संबंध खत्म कर लेते हैं। खतरे के स्तर के अनुसार जीवों-पौधों को एक से तीन सूचियों बांटा गया है।