बीते 11 मार्च को बलूचिस्तान के बोलन जिले में जाफर एक्सप्रेस पर घात लगाकर हमला किया था। प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों ने 440 यात्रियों वाली ट्रेन को अगवा कर लिया था। इस घटना में 18 सुरक्षाकर्मियों सहित 26 बंधकों की हत्या कर दी गई थी।
बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की मीडिया शाखा हक्कल ने अपने हालिया ऑपरेशन कोडनेम दर्रा-ए-बोलन 2.0 का 35 मिनट का वीडियो जारी किया है। इसमें बीएलए के लड़ाकों ने बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन के अपहरण की घटना को दिखाया है। उसने हमले के वक्त पाकिस्तान के उसके नियंत्रण को कम आंकने के दावे का भी पुरजोर खंडन किया।
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इस वीडियो फुटेज में बीएलए के लड़ाके महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को अपहरण स्थल से सुरक्षित तरीके से दूर ले जा रहे हैं। यह फुटेज अपहरण के इस वाकये को क्रूर करार देने वाले पाकिस्तानी सेना के बयानों का खंडन करता है। वीडियो में बीएलए के लड़ाके ने इस हमले के पीछे की मंशा बताते हुए कहा, हमारा संघर्ष और युद्ध ऐसे बिंदु पर आ गया है, जहां हमें ऐसे अहम फैसले लेने हैं। हमारे युवा ऐसे कदम उठाने के लिए तैयार हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि ऐसे फैसलों के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है। बंदूक को रोकने के लिए बंदूक की जरूरत होती है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता के बयानों के बीएलए को भारी क्षति के दावे के उलट समूह ने अपनी फिदायीन इकाई मजीद ब्रिगेड के नाम, तस्वीरें और विदाई संदेश दिखाए।
गौरतलब है कि बीते 11 मार्च को बलूचिस्तान के बोलन जिले में जाफर एक्सप्रेस पर घात लगाकर हमला किया था। प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों ने 440 यात्रियों वाली ट्रेन को अगवा कर लिया था। इस घटना में 18 सुरक्षाकर्मियों सहित 26 बंधकों की हत्या कर दी गई थी। सेना ने अगले दिन सभी 33 बलूच लड़ाकों को मार गिराने के साथ-साथ 354 बंधकों को छुड़ाने का दावा किया। इस घटना के बाद से बलूचिस्तान में कई हमले हो चुके हैं।
हाईजैक के दो सप्ताह बाद शुरु हुआ था जाफर एक्सप्रेस का परिचालन
वहीं, पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक के करीब दो हफ्ते बाद जाफर एक्सप्रेस का परिचालन कड़ी सुरक्षा के बीच फिर से शुरू किया गया था।