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चीन में विचित्र खेलः सीसीटीवी पर भ्रामक खबर से अरबों डॉलर के वारे-न्यारे, जानें इस बारे में सब कुछ

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, हांगकांग Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 07 May 2022 03:52 PM IST

सार

मंगलवार को सीसीटीवी की खबर से यह भ्रम फैला कि जैक मा को हिरासत में लिया गया है। उसके बाद से अलीबाबा के शेयरों के भाव में गिरावट शुरू हो गई। हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में उसके शेयरों के भाव में 9.4 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे वहां कंपनी का बाजार मूल्य 26.53 बिलियन डॉलर गिर गया।
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चीन शेयर बाजार - फोटो : Twitter


इस छोटी खबर में कहा गया कि मा नाम के एक व्यक्ति को हांगझाउ शहर में हिरासत में ले लिया गया है। खबर में कहा गया कि उस व्यक्ति को विध्वंसकारी गतिविधियों के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इस खबर में संकेत दिया गया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नाम दो शब्दों का है।


हांगझाऊ को अलीबाबा कंपनी के मुख्यालय के रूप में दुनिया भर में जाना जाता है। इस कंपनी की स्थापना जैक मा ने की थी। चीनी भाषा में उनके नाम में दो शब्द हैं- मा युन। अरबपति जैक मा और अलीबाबा कंपनी अक्टूबर 2020 से ही चीन सरकार के निशाने पर रहे हैं। अक्तूबर 2020 में जैक मा ने एक भाषण में चीन की वित्तीय व्यवस्था और वित्तीय नियामक संस्थानों की कड़ी आलोचना की थी। उसके बाद उनकी कंपनी के खिलाफ सरकारी कार्रवाई शुरू हो गई। तब चीन सरकार ने कई नियमों के उल्लंघन के आरोप में अलीबाबा पर 2.7 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगा दिया था। उस भाषण के बाद 57 वर्षीय जैक मा कई महीनों तक गायब रहे।


अभी हाल में ये खबर आई थी कि हांगझाऊ के अधिकारी भ्रष्टाचार संबंधी मामलों की जांच कर रहे हैं। जिन लोगों के खिलाफ जांच शुरू होने की खबर आई, उनमें सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की हांगझाऊ शाखा के पूर्व प्रमुख झाऊ जियांगयोंग भी शामिल हैं। झाऊ के भाई के जैक मा की कंपनी से कारोबारी रिश्ते रहे हैं। झाऊ को पिछले जनवरी में कम्युनिस्ट पार्टी से निकाल दिया गया था।


इस पृष्ठभूमि के कारण ही मंगलवार को सीसीटीवी की खबर से यह भ्रम फैला कि जैक मा को हिरासत में लिया गया है। उसके बाद से अलीबाबा के शेयरों के भाव में गिरावट शुरू हो गई। हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में उसके शेयरों के भाव में 9.4 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे वहां कंपनी का बाजार मूल्य 26.53 बिलियन डॉलर गिर गया।


बाद में सीसीटीसी ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति का पूरा नाम बताया। उधर सरकार समर्थक अखबार पीपुल्स डेली ने बताया कि हिरासत में लिया गया 37 वर्षीय व्यक्ति एक हार्डवेयर रिसर्च और डेवलपमेंट कंपनी का निदेशक है। लेकिन जिस तरह पहले सीसीटीवी ने खबर दिखाई, चीन के सोशल मीडिया पर उसकी कड़ी आलोचना की गई है।


एक यूजर ने वियेबो पर पोस्ट किया- ‘यह साफ नहीं है कि सीसीटीवी ने ऐसा क्यों किया।’ सिनहुआ यूनिवर्सिटी में राजनीति शास्त्र के पूर्व प्रोफेसर वू चियांग ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से बातचीत में कहा- ‘मा को जो अभूतपूर्व प्रचार दिया गया, वह जानबूझ कर किया गया। इसके पीछे मकसद उन लोगों को भयभीत करना था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं।’

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