आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए दुनियाभर में चर्चा में रहने वाले पाकिस्तान को उम्मीद है कि वह एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर निकल जाएगा। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने उम्मीद जताई है कि उनका देश फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे लिस्ट से बाहर हो जाएगा।
एएनआई से बात करते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद और उग्रवाद से लड़ना चाहता है और यह एफएटीएफ लिस्टिंग या अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कारण नहीं बल्कि अपने पाकिस्तान के लोगों के लिए हमारी प्राथमिकता है।
एफएटीएफ पाकिस्तान पर रख रहा नजर
बता दें कि पाकिस्तान 2018 से फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे लिस्ट में है। आतंकवादी गतिविधियों में धन खर्च करने को लेकर पाकिस्तान के रिकॉर्ड की एफएटीएफ द्वारा निरंतर जांच की जा रही है। एफएटीएफ-एशिया प्रशांत समूह के प्रतिनिधिमंडल ने उच्चतम स्तर पर एफएटीएफ के साथ प्रतिबद्ध 34-सूत्रीय कार्य योजना के अनुपालन को सत्यापित करने के लिए 29 अगस्त से दो सितंबर तक पाकिस्तान का दौरा किया था।
2023 में शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान की भागीदारी पर कोई फैसला नहीं
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने शुक्रवार को कहा कि 2023 में भारत की अध्यक्षता में होने वाले अगले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में इस्लामाबाद की भागीदारी के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस साल उज्बेकिस्तान की अध्यक्षता में एससीओ शिखर सम्मेलन चल रहा है, यहां बिलावल भुट्टो समरकंद में मौजूद हैं।
भारत अगले साल उज्बेकिस्तान से शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करेगा। चीन ने अगले साल एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए भारत को बधाई दी। समरकंद में भारत के साथ बैठक के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अगले साल 2023 में एससीओ की अध्यक्षता के लिए भारत को बधाई दी।