पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध धार्मिक भावनाओं से ऊपर होते हैं। कुरैशी ने ये बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से मिले सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार को लेकर कही है। ये बात मीडिया रिपोर्ट्स में कही गई है।
कुरैशी का बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही पाकिस्तान के सीनेट अध्यक्ष सादिक संजरानी ने रविवार को अपनी यूएई की औपचारिक यात्रा रद्द कर दी। क्योंकि वह प्रधानमंत्री मोदी को यूएई से मिले पुरस्कार 'अवॉर्ड ऑफ जायद' से खफा थे।
मीडिया में आई खबर के अनुसार कुरैशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खाड़ी देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किए जाने को तवज्जो नहीं देने की कोशिश कर रहे थे। जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा भारत द्वारा हटाए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटे जाने के बाद पाकिस्तान कश्मीरी लोगों के जबरदस्त समर्थन में उतर आया है जिसके मद्देनजर उन्होंने अपनी यह यात्रा रद्द कर दी।
'डॉन' अखबार की खबर के अनुसार दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध को बढ़ाने के अपने प्रयासों के लिए मोदी को इस पुरस्कार से नवाजे जाने पर कुरैशी ने कहा कि यूएई या किसी भी अन्य देश को अपनी पसंद के आधार पर देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध बनाये रखने का हक है।
खबर में उनके हवाले से कहा गया, "अंतरराष्ट्रीय संबंध धार्मिक भावनाओं से ऊपर होते हैं। निवेश के संबंध में यूएई और भारत के संबंध का पुराना इतिहास रहा है। मैं जल्द यूएई के विदेश मंत्री के साथ बैठक करूंगा और उन्हें कश्मीर के मौजूदा हालात की जानकारी दूंगा।"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के भी यूएई के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं और एक बार जब उन्हें (यूएई के नेताओं को) तथ्यों का पता चलेगा मुझे उम्मीद है कि वे पाकिस्तान को निराश नहीं करेंगे।" कुरैशी ने कहा कि यूएई और भारत के करीबी संबंध हैं क्योंकि ढेर सारे भारतीय वहां काम करते हैं।