नई दिल्ली-जेद्दा के बीच समझौता।
- फोटो : Twitter
भारत के मुस्लिमों के लिए एक अच्छी खबर है। हज के लिए भारत और सऊदी अरब ने एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत 2024 में नई दिल्ली को वार्षिक हज यात्रा के लिए 1,75,025 तीर्थयात्रियों का कोटा आवंटित किया गया है। विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।
तौफीफ बिन फौज के साथ हस्ताक्षर किया समझौता
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री स्मृति ईरानी और विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन सऊदी की राजधानी में जेद्दा में हैं। इस दौरान उन्होंने सऊदी हज और उमरा मंत्री डॉ. तौफीक बिन फौजान के साथ द्विपक्षीय हज समझौते-2024 पर हस्ताक्षर किए। एक सरकारी बयान के अनुसार, हज 2024 के लिए भारत से 1,75,000 तीर्थयात्रियों का कोटा तय किया गया है। वहीं, 1,40,020 सीटें आरक्षित की गई हैं, जिसे हज समिति के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके 35,005 तीर्थयात्रियों को निजी ऑपरेटरों के माध्यम से आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी।
एक्स पर ट्वीट कर दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री ईरानी ने एक्स पर ट्वीट कर कहा कि भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय हज समझौते की औपचारिक घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। मेरे साथ विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन भी थे। हम आपसी हितों को साझा करने के लिए सऊदी के उमरा मंत्री के साथ चर्चा की और एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि सऊदी प्रतिनिधिमंडल ने तीर्थयात्रियों को आवश्यक अंतिम जानकारी प्रदान करने में भारत के डिजिटल पहल की सराहना की। यात्रा में यात्रियों की सुविधाओं के लिए हर संभव मदद करने का सऊदी ने वादा किया है।
तुर्किये के धार्मिक नेताओं से भी मुलाकात
समझौते के बाद ईरानी और मुरलीधरन ने जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के हज टर्मिनल का दौरा किया, जिससे यात्रियों की सुविधाओं के बारे में जानकारी मिल सके। इसी के साथ भारतीय मंत्रियों ने तुर्किये के धार्मिक मामलों के निदेशालय के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अली एरबास और डॉ. एचजे से भी मुलाकात की। इरानी ने दूसरे ट्वीट में कहा कि धार्मिक मामलों के निदेशालय के अध्यक्ष के साथ आज सार्थक चर्चा हुई। हज प्रबंधन और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को तलाशे गए, जिससे यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी हो। बैठक के दौरान हज प्रबंधन, प्रशासन के बारे में अनुभव साझा किए गए।