लास वेगास स्थित ट्रंप इंटरनेशनल होटल के बाहर टेस्ला के साइबर ट्रक में विस्फोट करने वाले अमेरिकी सेना के जवान ने धमाके से पहले अपने सिर में गोली मारी थी। अधिकारियों का कहना है कि उसने ऐसा क्यों किया, इसकी जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि सेना के रॉयल ग्रीन बेरेट्स के सदस्य मैथ्यू लिवेल्सबर्गर ने पटाखे, गैस टैंक और कैंपिंग फ्यूल से भरे साइबर ट्रक में पहले आत्महत्या की। इसके बाद ट्रक में आग लग गई। पुलिस ने बताया कि साइबर ट्रक में मिला शव इतना जल चुका था कि इसकी पहचान करना मुश्किल था। बाद में सैन्य पहचान पत्र, पासपोर्ट और क्रेडिट कार्ड के आधार पर शव की पहचान मैथ्यू लिवेल्सबर्गर के तौर पर की गई। उसके सिर पर गोली लगी थी और पैरों के पास एक बंदूक पड़ी थी।
एफबीआई के विशेष एजेंट स्पेंसर इवांस ने कहा कि लिवेल्सबर्गर ने ऐसा क्यों किया इसकी जानकारी नहीं है। हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है जो लिवेल्सबर्गर का किसी आतंकी संगठन से संबंध बताती हो। हमें इसके नव-निर्वाचित राष्ट्रपति से संबंध की जानकारी नहीं है और न ही इस तथ्य कि टेस्ला का स्वामित्व दुनिया के सबसे अमीर आदमी और ट्रंप के समर्थक एलन मस्क के पास है।
दो पिस्तौल खरीदी थीं
अधिकारियों ने बताया कि लिवेल्सबर्गर ने सोमवार को सेमी ऑटोमैटिक पिस्तौल खरीदी थीं। साथ ही उसने 28 दिसंबर को एक वाहन किराये पर लिया था। वह वाहन को अकेले चलाते हुए एरिजोना से मैक्सिको होते हुए लास वेगास तक पहुंचा। जांच अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्राथमिक तौर पर विस्फोट पटाखों और गैस टैंक, कैंपिंग फ्यूल से हुआ था। जिस तरह से धमाका किया गया, उसकी सैन्य क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति से कल्पना नहीं की जा सकती। अधिकारियों ने कहा कि यह काम उतनी अच्छी तरह से नहीं हो सका, जितनी इसकी उम्मीद थी।
जर्मनी से लौटा था लिवेल्सबर्गर
मैथ्यू लिवेल्सबर्गर सेना के रॉयल ग्रीन बेरेट्स का सदस्य था, जो विशेष बल इकाई और गुरिल्ला युद्ध विशेषज्ञ था। ग्रीन बेरेट्स दल गैरपरंपरागत तकनीकों का इस्तेमाल करके विदेशों में आतंकवादियों का मुकाबला करने के लिए काम करते हैं। मैथ्यू हाल ही में जर्मनी से छुट्टी पर अमेरिका लौटा था। मैथ्यू लिवेल्सबर्गर कोलोराडो निवासी था और सेना की 10वीं एसएफजी के साथ जर्मनी में सेवारत था। रिपोर्ट के मुताबिक, उसने फोर्ट ब्रेग बेस पर भी समय बिताया था। यह उत्तरी कैरोलिना में स्थित एक विशाल बेस है।
क्या था मामला
गुरुवार को साइबर ट्रक में आग लगने की सूचना पुलिस को सुबह 8.40 के बाद मिली थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो साइबर ट्रक आग की लपटों में घिर चुका था। साइबर ट्रक के भीतर एक व्यक्ति का शव मिला था। एफबीआई इस घटना की जांच कर रही है। अमेरिकी जांच अधिकारियों के अनुसार, साइबर ट्रक में पटाखे, गैस टैंक और कैंपिंग फ्यूल थे, जिनमें आग लगी और ये तीनों एक ही डेटोनेशन सिस्टम से जुड़े थे, जिसका कंट्रोल ड्राइवर के पास था।
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