nepal border - सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
चूंकि नेपाल में कोरोना महामारी केस बढ़ रहे हैं इसलिए रातो मछिंद्रनाथ यात्रा जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम बहुत कम भीड़भाड़ के साथ बिना किसी बड़े उत्सव के मनाए जा रहे हैं। यह यात्रा नेपाल में एक बड़े पर्व के रूप में उत्सव के साथ निकाली जाती है।
धूमधाम और उत्सव की कमी के कारण न सिर्फ अनुयायियों को निराश होना पड़ा बल्कि मछिंद्रनाथ के रथ को खींचने पर हाल ही में स्थानीय लोगों व पुलिस के बीच झड़प भी हुई जिसमें दर्जनों घायल हुए। एक दिन बाद पूजापाठ के बाद 19 जातीय समूहों ने जुलूस को निकालने पर सहमति व्यक्त की। इसके मुताबिक 11 सितंबर को इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। बता दें कि यह नेपाल में सबसे बड़ी यात्रा होती है।