अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूक्रेन यात्रा की तारीफ की है। क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पीएम मोदी का डेलावेयर के विलमिंगटन में अपने निजी आवास पर स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान व्यापक विषयों पर बात की।
वार्ता के दौरान बाइडन ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि अमेरिका भारत की महत्वपूर्ण आवाज को उठाते हुए वैश्विक संस्थाओं में सुधार और शांति की पहल का समर्थन करता है। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्य बनाने की मांग भी शामिल है। बताया जाता है कि मोदी और बाइडन की वार्ता मुख्य रूप से द्विपक्षीय संबंधों पर केंद्रित रही। दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति सहित प्रमुख वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की।
बैठक के बाद जारी की गई फैक्ट शीट में कहा गया कि राष्ट्रपति बाइडन ने वैश्विक मंच पर भारत की अग्रणी भूमिका जी-20 और ग्लोबल साउथ में मोदी के नेतृत्व और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए क्वाड को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। बाइडन ने कहा कि भारत कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के वैश्विक प्रयासों में सहयोग करने से लेकर दुनिया भर में संघर्षों के विनाशकारी परिणामों से निपटने तक बड़ी चुनौतियों का समाधान करने की कोशिशों में सबसे आगे है।
राष्ट्रपति बाइडन ने प्रधानमंत्री मोदी की पोलैंड और यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्राओं की भी सराहना की। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग सहित यूक्रेन के लिए मानवीय सहायता और मोदी के शांति संदेश की भी तारीफ की। इसके अलावा बैठक में दोनों देशों ने मध्य पूर्व में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों सहित नेविगेशन की स्वतंत्रता और वाणिज्य की सुरक्षा के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। दोनों नेताओं ने कहा कि विश्व के सुरक्षित और अधिक समृद्ध भविष्य के निर्माण के प्रयासों की सफलता के लिए अमेरिका-भारत की करीबी साझेदारी महत्वपूर्ण है।
मोदी और बाइडन ने सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा, अगली पीढ़ी के दूरसंचार और हरित ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए उन्नत सेंसिंग, संचार और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स पर केंद्रित एक नया सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन की वार्ता में यूक्रेन संघर्ष पर हुई चर्चा को लेकर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि सभी देश इन बातचीतों में भारत की भागीदारी को महत्व देते हैं और हम कई वार्ताकारों से बात करने में सक्षम हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण बातचीत है जो इस संघर्ष के सभी पक्षों के कई लोगों के साथ चल रही है।