अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20 जनवरी को शपथ ग्रहण लेते ही जो बाइडन का राष्ट्रपति कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को घोषणा की कि दो नए परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक पोतों का नाम पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के नाम पर रखा जाएगा। बता दें कि 1993 से 2001 तक बिल क्लिंटन 42वें अमेरिकी राष्ट्रपति थे। इसके बाद जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने 2001 से 2009 तक राष्ट्रपति पद संभाला था।
बाइडन ने की घोषणा
मामले में जो बाइडन ने बताया कि यह घोषणा करते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने बिल क्लिंटन और जॉर्ज बुश को इस बारे में बताया तो वे दोनों बहुत विनम्र थे। दोनों को यह अच्छी तरह से समझ में आता है कि राष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें अपने सैनिकों की सुरक्षा और परिवारों के लिए चिंता करने की जिम्मेदारी होती है।
जानकारी के अनुसार दोनों विमानवाहक पोतों का निर्माण आने वाले वर्षों में शुरू होगा। ये पोत यूएसएस विलियम जे क्लिंटन (सीवीएन 82) और यूएसएस जॉर्ज डब्ल्यू बुश (सीवीएन 83) कहलाएंगे। बाइडन ने कहा कि जब ये पोत बनकर तैयार होंगे, तो ये अमेरिका की सबसे ताकतवर और पेशेवर नौसेना का हिस्सा बनेंगे।
रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन का बयान
साथ ही इस मामले में रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि विमानवाहक पोत नौसेना की मुख्य ताकत होते हैं और ये पोत अमेरिकी लोकतंत्र की रक्षा करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि इन पोतों का नाम उन नेताओं के नाम पर रखा गया है जिन्होंने अमेरिका की सेवा में समर्पण और दृढ़ता दिखाई। ये दोनों पोत अमेरिकी नौसेना के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और आने वाली पीढ़ियों को देश की सेवा में प्रेरित करेंगे।