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G7: बाइडन ने जापान-द. कोरिया के PM को दिया न्यौता; मैक्रों बोले- जेलेंस्की की मौजूदगी शांति कायम करने का तरीका

Sun, 21 May 2023 05:57 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो

सार

जापान की एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल और जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा को त्रिपक्षीय बैठक के लिए यूएसए आमंत्रित किया है। अमेरिका ने चीनी संकट के दौरान, दोनों एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ चर्चा करने के लिए आमंत्रण दिया है।
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मैक्रों, बाइडन और जेलेंस्की। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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जी 7 समिट में शामिल होने जापान पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति ने जापान के प्रधानमंत्री और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति को त्रिपक्षीय बैठक के लिए अमेरिका आने के लिए आमंत्रित किया है। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने जेलेंस्की की जी 7 यात्रा को शांति बनाने का तरीका बताया है। उन्होंने यूक्रेन की जनता के साहस की सराहना भी की है।

चर्चा करने के लिए आमंत्रण दिया

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जापान की एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल और जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा को त्रिपक्षीय बैठक के लिए यूएसए आमंत्रित किया है। अमेरिका ने चीनी संकट के दौरान, दोनों एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ चर्चा करने के लिए आमंत्रण दिया है। व्हाइट हाउस ने रविवार को एक बयान जारी किया है। बयान में व्हाइट हाउस ने कहा कि जापान में समिट के दौरान बिडेन ने किशिदा और येओल के साहसिक कामों की सराहना की थी। हम दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाना चाहते हैं। आखिरी बार नवंबर में तीनों नेताओं ने बैठक की थी। यहां उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल के बढ़ते खतरे पर चर्चा की थी। 

अरब लीग शिखर सम्मेलन में भी गए
रविवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की जी 7 समिट यात्रा शांति बनाने का एक तरीका है। मैक्रों ने कहा कि जेलेंस्की प्रमुख विकासशील और विकसित देशों के साथ बात कर रहे हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की जेद्दा में आयोजित अरब लीग शिखर सम्मेलन में भी गए थे। इसके बाद वे जी 7 समिट भी पहुंचे। दुनिया भर के देशों से समर्थन प्राप्त करने का यह बेहतर तरीका है।

यूक्रेन की सीमाओं को खाली करना चाहिए

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जेलेंस्की और मैक्रों आखिरी बार इसी साल 14 मई को पेरिस में एक-दूसरे से मिले थे। यूक्रेन और फ्रांस के राष्ट्रपतियों ने रूस-यूक्रेन जंग पर रूस के खिलाफ आक्रामकता दिखाते हुए निंदा की। यूक्रेन ने कहा कि यह युद्ध बिना किसी कारण ही हो रहा है। रूस को अपने सेना के साथ बिना किसी शर्त के यूक्रेन की सीमाओं को खाली कर देना चाहिए। दोनों देशों ने रूस से कहा कि एडएनपीपी से हट जाएं। फ्रांस सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि फ्रांस का मानना है कि हर देश को अपनी मान्यता प्राप्त सीमाओं में स्वतंत्रता होनी चाहिए। फ्रांस ने यूक्रेनी लोगों और सशस्त्र बलों के साहस की सराहना की है।

 

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