संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) समूह की बैठक चल रही है। 11 से 17 नवंबर तक चलने वाली बैठक इकोनॉमिक लीडर्स रिट्रीट के साथ पूरी होगी। इसमें भाग लेने के लिए कई देशों के नेता अमेरिका पहुंचे हैं। इस दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचे (आईपीईएफ) में होने वाले महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर बात की। उन्होंने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित और 13 एपीईसी भागीदारों द्वारा समर्थित महत्वपूर्ण पहल में प्रगति की घोषणा की।
बाइडन के संबोधन के दौरान भारत के प्रतिनिधि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी मंच पर मौजूद थे।
आईपीईएफ में यह देश शामिल
हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'आज हम उस महत्वपूर्ण पहल पर प्रगति की घोषणा कर रहे हैं, जिसे हमने यहां अपने 13 सहयोगियों के साथ शुरू किया। यह सहयोगी ऑस्ट्रेलिया, फिजी, भारत, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम और अमेरिका है।'
पिछले साल मई में शुरू हुआ था
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस ढांचे पर वार्ता पिछले साल मई में टोक्यो में शुरू की गई थी, जिसमें पर्याप्त प्रगति हुई थी। हालांकि, हमें अभी और काम करना है। उन्होंने सभी 21 एपीईसी अर्थव्यवस्थाओं के साथ तीन घंटे की बैठक पर भी प्रकाश डाला, जिसमें क्षेत्र में विकास और अवसर पैदा करने, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने पर चर्चा पर जोर दिया गया।
इससे पहले, बाइडन ने भारत सहित प्रमुख देशों के साथ सहयोगी प्रयासों पर विशेष जोर देने के साथ सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
मैंने एक बात देखी कि वे भारत...
हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचे (आईपीईएफ) की बैठक पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'विश्व के नेताओं के साथ अपनी सभी बातचीत में मैंने एक बात देखी कि वे भारत के साथ अधिक जुड़ाव को लेकर बहुत उत्सुक हैं। वे भारत को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में बहुत सम्मान में रखते हैं, जिसकी आवाज मायने रखती है। मुझे जो सम्मान मिला, उससे साफ पता चलता है कि दुनिया के लगभग सभी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत पसंद करते हैं। वे उनका बहुत सम्मान करते थे। हर कोई उनके बारे में पूछताछ कर रहा था और मैं स्पष्ट रूप से देख सकता हूं कि विश्व स्तर पर भारत की स्थिति काफी बदल गई है। अब हमें एक बहुत शक्तिशाली आवाज और एक आम सहमति निर्माता, एक देश और एक नेतृत्व के रूप में पहचाना जा रहा है जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं।'