सुलेमानी को इस्राइल हमेशा से शक की निगाह से देखता रहा है। इस्राइल का आरोप रहा है कि सुलेमानी ने हिज्बुल्लाह के शिया लड़ाकों को प्रशिक्षण दिया है। पिछले साल अगस्त में इस्राइल पर ड्रोन हमले की कोशिश की गई, इसमें भी कुड्स कमांडर का ही हाथ था। इसने इन चरमपंथियों को ट्रेनिंग दी थी।
इस्राइल के खिलाफ जंग को लेकर सुलेमानी हमेशा काफी खुलकर बोलता था। अगस्त में उसने कहा था कि ये ईरान का इस्राइल के साथ आखिरी संघर्ष होगा। वहीं, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख हुसैन सलामी ने कहा था कि इस्राइल को पूरी तरह खत्म करना अब सपना नहीं है, यह हकीकत है। इस्राइली पीएम ने सुलेमानी और हिज्बुल्लाह के हसन नसरल्लाह को सावधान किया था।
कासिम सुलेमानी को साल 1998 में कुद्स फोर्स का प्रमुख बनाया गया था। कुद्स फोर्स पर आरोप है कि उसने 1992 में ब्यूनस आयर्स में इस्राइली दूतावास पर हमले के लिए हिज्बुल्लाह की मदद की थी।
साल 2006 में इस्राइल और हिज्बुल्लाह के बीच हुए युद्ध में हिज्बुल्लाह की मदद के लिए सुलेमानी को ही जिम्मेदार माना गया। इस्राइल मानता रहा है कि उसके सभी दुश्मनों को एक मंच पर लाने के लिए सुलेमानी हमेशा कोशिश करता रहा है। फरवरी 2016 में सुलेमानी ने तेहरान में हमास के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2018 में अमेरिकी ने कथित तौर पर सुलेमानी की हत्या के लिए इस्राइल को हरी झंडी दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे तीन साल पहले भी इस्राइल ने सुलेमानी पर कार्रवाई का मन बनाया था, लेकिन उस समय अमेरिका ने ईरानी नेतृत्व को चेतावनी दे दी थी।