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बगदाद: अमेरिका की एक और एयर स्ट्राइक, इराकी मिलिशिया को बनाया निशाना, छह मरे

Sat, 04 Jan 2020 08:05 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर
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अमेरिका ने इराक में लगातार दूसरे दिन हवाई हमला किया है। उत्तरी बगदाद में ताजी रोड के पास शनिवार सुबह (भारतीय समयानुसार) किए गए हमले में छह लोग मारे गए हैं। यह सड़क उस तरफ जाती है जहां पर गैर अमेरिकी सेनाओं का बेस है। इससे पहले शुक्रवार को बगदाद हवाई अड्डे पर किए गए हवाई हमले में जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी।

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इराक के सरकारी अधिकारियों का कहना है कि हवाई हमलों में उन दो कारों को निशाना बनाया गया जिसमें ईरान समर्थित लड़ाके सवार थे। अधिकारियों के अनुसार इस हमले में हशद-अल-साबी के छह लड़ाके मारे गए हैं। फिलहाल हमले में मारे गए लड़ाकों की पहचान नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने इस हमले को इराक के हशद-अल-साबी के कमांडर के काफिले को निशाना बनाकर किया था।

सुलेमानी को मारने का फैसला संभावित युद्ध को रोकने के लिए: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार देर रात ईरानी जनरल के खिलाफ कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनरल कासिम सुलेमानी को मारने का फैसला ईरान और अमेरिका के बीच संभावित युद्ध रोकने के लिए लिया गया, न कि शुरू करने के लिए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना के अचूक हमले से दुनिया के नंबर एक आतंकी जनरल सुलेमानी की मौत हो गई। इसके साथ ही क्षेत्र में आतंक का राज खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि ईरानी जनरल अमेरिकी राजनयिकों और सैन्यकर्मियों पर हमलों की साजिश रच रहा था, लेकिन हमने उसे पकड़ लिया और मार गिराया।

पश्चिम एशिया में अमेरिका भेज रहा है और तीन हजार सैनिक

अमेरिका के हमले में एक ईरानी जनरल के मारे जाने के बाद उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर पश्चिम एशिया में अमेरिका तीन हजार और सैनिक भेज रहा है। यह जानकारी रक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार को दी। अधिकारियों ने उस फैसले के बारे में बताया जिसकी पेंटागन से अभी घोषणा होनी बाकी है। अधिकारियों के अनुसार ये सैनिक उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से हैं। ये सैनिक 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के उन करीब 700 सैनिकों के अतिरिक्त होंगे जिन्हें ईरान समर्थित मिलिशिया के लोगों और उनके समर्थकों द्वारा बगदाग में अमेरिकी दूतावास पर हमला करने के बाद इस सप्ताह के प्रारंभ में कुवैत में तैनात किया गया था।

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हमले में डॉक्टर भी मारे गए

हशद-अल-साबी जिसे कि पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (पीएमएफ) के नाम से जाना जाता है उसने इस बाक से इनकार किया है कि काफिले में उसका वरिष्ठ कमांडर मौजूद था। हमले में मारे गए छह लोगों में डॉक्टर भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। ताजी रोड जहां पर हमला हुआ उससे कुछ दूरी पर ही गैर अमेरिकी सेना का डेरा है। जिसमें ब्रिटिश और इतालवी सैनिक शामिल हैं।

पुलिस सूत्र के अनुसार हवाई हमले में हशद के एक काफिले को निशाना बनाया गया। जिसके कारण कुछ की मौत और कुछ लोग घायल हो गए हैं। पीएमएफ इराकी लड़ाकों का एक संगठन है। पीएमएफ इराक की सेना के तहत इराकी मिलिशियों का एक भाग है। इस हमले के साथ ही मध्य पूर्व में तनाव पहले के मुकाबले और भी बढ़ गया है।

ईरानी कमांडर जनरल सुलेमानी को ढेर कर चुका है अमेरिका

इससे पहले बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए मिसाइल हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद अमेरिका और ईरान में तनाव और बढ़ने के साथ इराक से भी अमेरिकी संबंधों में खटास आने की आशंका जताई गई थी। 

इस हमले में अमेरिका ने कम से कम तीन कत्यूषा मिसाइल दागी थीं जिससे बगदाद हवाई अड्डे पर भीषण तबाही मच गई थी। हवाई अड्डे पर मौजूद ईरान और हिज्बुल्लाह की संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा था। हमले में कुद्स यूनिट के कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी।

सुलेमानी के मारे जाने पर भड़का ईरान

सुलेमानी के मारे जाने पर ईरान भड़क गया है और उसने अमेरिका को धमकी दी है। ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ का कहना है कि अमेरिका को इस दुस्साहस की भारी कीमत चुकानी होगी। ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने ट्वीट कर कहा, 'अमेरिका का जनरल सुलेमानी को निशाना बनाने और उनकी हत्या करने के अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का कदम बहुत खतरनाक और मूर्खतापूर्ण है। उनका बल प्रभावी रूप से दाएश (आईएसआईएस), अल नुसराह, अल कायदा एट अल से लड़ता था। अमेरिका को अपने इस दुस्साहस की भारी कीमत चुकानी होगी।'
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