17 सितंबर को इस्राइल अपना नया प्रधानमंत्री चुनेगा। अरब देशों से तल्ख रिश्ते और रक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले इस देश की चुनाव प्रक्रिया पर विश्व की निगाहें टिकी हुई हैं। भारत के लिए भी यह चुनाव अहम होने वाला है क्योंकि रक्षा, कृषि और सिचाईं के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच करीबी संबंध हैं। अगर नतीजा नेतन्याहू के पक्ष में आता है तो वह रिकॉर्ड पांचवी बार इस्राइल की सत्ता संभालेंगे।
नेतन्याहू के विपक्ष में इस्राइली सेना के पूर्व प्रमुख बेनी गांट्ज खड़े हैं। जिनकी पार्टी इस्राइल रेसिलिएंस, नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को कड़ी टक्कर दे रही है। बेनी गांट्ज की छवि बेहद ईमानदार और साफ राजनेता की है। उन्होंने नेतन्याहू का मुकाबला करने के लिए दो अन्य प्रमुख पार्टियां तेलेम और येश अतिद के साथ मिलकर ‘ब्लू एंड वाइट’ गठबंधन भी बनाया है।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लोग बीबी नाम से भी पुकारते हैं। उनका जन्म 1949 में तेल अवीव में हुआ था। 1963 में उनका परिवार अमेरिका चला गया जहां उनके इतिहासकार पिता बेंजियन को एक अकादमिक पद दिया गया।