चीन व हांगकांग में काम कर रहे अमेरिकी राजनयिकों की गतिविधियों पर चीन ने नए प्रतिबंधों लगा दिए हैं। इसे पिछले साल अमेरिका में चीन के राजनयिकों पर लगे ऐसे ही प्रतिबंध की प्रतिक्रिया के रूप में उचित कदम बताया गया।
चीनी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, यह नियम बीजिंग में अमेरिकी दूतावास और पूरे चीन में स्थित वाणिज्य दूतावासों के वरिष्ठ राजनयिकों और दूसरे कर्मियों पर भी लागू होगा। हालांकि चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देशों के बीच सभी क्षेत्रों में सामान्य आदान-प्रदान और सहयोग का समर्थन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका पिछले साल अक्तूबर में चीनी राजनयिकों पर लागू प्रतिबंध को वापस ले ले तो चीनी प्रतिबंध हटाया भी जा सकता है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम एक बार फिर अमेरिका से अपील करते हैं कि वह अपनी गलतियों को सुधारें और चीन के दूतावास व उसके कर्मियों पर लगे अनुचित प्रतिबंध हटाए।
चीन ने कहा कि वह भी अमेरिकी कदमों पर परस्पर कदम उठाएगा। हालांकि, अभी नए प्रतिबंधों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। अमेरिका के राजनयिकों पर पहले से ही चीन के किसी भी हिस्से में जाने और कॉलेज परिसरों में जाने पर प्रतिबंध है।
हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों को वकीलों की पहुंच से दूर रखा
हांगकांग पर चीन-अमेरिका में विवाद और गहरा सकता है। अमेरिका ने चिंता जताई कि हांगकांग में गिरफ्तार लोकतंत्र समर्थकों को वकीलों की पहुंच से दूर रखकर उनके कानूनी हक खत्म किए जा रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि हांगकांग में चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार 12 लोकतंत्र समर्थकों को वकीलों से नहीं मिलने दिया गया है। उन्होंने कहा इस पर अमेरिका चिंतित है।