भूकंप के झटकों और सुनामी के अलर्ट के बाद रूस का एक इलाका
- फोटो : पीटीआई
9. तिब्बत में तबाह हो गए थे गांव
1950 में आए 8.6 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 780 लोग मारे गए थे। दर्जनों गांव तबाह हो गए थे। एक गांव तो नदी में बह गया था। भारत में सुबनसिरी नदी में भी बड़े भूस्खलन हुए थे। इससे नदी जाम हो गई थी। जब पानी आखिरकार टूटा तो 7 मीटर ऊंची एक घातक लहर उठी।
10. सुमात्रा में भी हुई तबाही
2012 में इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा के पश्चिमी तट पर 8.6 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। हालांकि इस भूकंप से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसके बाद सुनामी का जोर बढ़ा।